अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ऑफलाइन परीक्षाओं के बाद अब ऑनलाइन परीक्षाएं भी शक के घेरे में आ गई हैं। रविवार को एसटीएफ ने हल्द्वानी से जो आरोपी गिरफ्तार किया है, उसके हल्द्वानी व आसपास के क्षेत्र में चार ऑनलाइन परीक्षा केंद्र हैं, जिन पर वह कई परीक्षाएं करा चुका है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने वन दरोगा सहित करीब छह भर्तियों की परीक्षाएं ऑनलाइन मोड में कराई थीं। पहाड़ में जहां कंप्यूटर की सुविधा नहीं थी, वहां आयोग ने टैबलेट के माध्यम से परीक्षा कराई थीं। रविवार को एसटीएफ ने हल्द्वानी से जो आरोपी गिरफ्तार किया है, वह खुद के चार ऑनलाइन एग्जाम सेंटर चलाता था। इन सेंटरों पर आयोग की कई परीक्षाओं के साथ ही सीबीएसई व अन्य परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित कराई जा चुकी हैं। सवाल उठ रहे हैं कि आयोग की भर्ती परीक्षाएं इन सेंटरों पर सुरक्षित होंगी या नहीं। वहीं, आयोग की कई ऑनलाइन भर्तियों में सवाल भी उठने लगे हैं।
कुछ परीक्षाएं कराने के बाद रुक गया था आयोग
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने कुछ परीक्षाएं तो ऑनलाइन कराईं फिर इन्हें रोक दी। आयोग दोबारा ऑफलाइन मोड में ही परीक्षाएं कराने लगा। आयोग के पूर्व अध्यक्ष एस राजू अमर उजाला से बातचीत में यह स्वीकार भी कर चुके हैं कि ऑनलाइन व ऑफलाइन परीक्षाओं में अलग-अलग गैंग काम करते हैं। आयोग की फिलहाल कोई भी भर्ती परीक्षा ऑनलाइन प्रस्तावित नहीं है।
कंपनी मालिक को रिमांड पर लेने की तैयारी में एसटीएफ
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) पेपर लीक मामले के मास्टर माइंड आरएमएस टेक्नो सॉल्यूसन के गिरफ्तार मालिक राजेश चौहान को एसटीएफ रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। रिमांड पर लेकर एसटीएफ कंपनी की ओर से और कितनी परीक्षाओं के पेपर लीक किए थे, का राज खोलना चाहती है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि जल्द ही रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की जाएगी। यूकेएसएसएससी मामले में एसटीएफ ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत कई प्रदेशों में परीक्षा का ठेका लेने वाली आउटसोर्स कंपनी आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन के मालिक राजेश चौहान को गिरफ्तार किया है। पेपर लीक का मुख्य मास्टरमाइंड राजेश चौहान ही है।
उसी ने करोड़ों रुपयों में दलाल के माध्यम से पेपर बेेचे थे। गिरफ्तारी के बाद अब एसटीएफ अजय चौहान को रिमांड की तैयारी कर रही है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि रिमांड के लिए जल्द ही कोर्ट में अर्जी दाखिल की जाएगी। बताया जा रहा रिमांड के जरिए एसटीएफ अजय चौहान के और राज्यों में पेपर लीक में संलिप्तता समेत अन्य राज खोलना चाहती है। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, रिमांड मिलने के बाद अन्य राज्यों से कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।