श्री श्याम सुन्दर मंदिर पटेल नगर में वार्षिकोत्सव पर आयोजित श्री राम कथा के तीसरे दिन बरसाना धाम वृंदावन के संत नित्यानंद महाराज ने कहा कलिकाल में भवसागर पार करने का एकमात्र साधन हरिनाम है। इसलिए सत्संग सिमरन व सेवा कर अपने मानव जन्म को सार्थक बनाना चाहिए। उन्होंने कहा भगवान के नाम का प्रताप है वो जैसे भी हो कल्याण करेगा। इसलिए अपने बच्चों का नाम भगवान के नाम से रखने की परंपरा है और एक दूसरे को राम राम या राधे राधे कहते है, ताकि जीवा पर हमेशा भगवत नाम का उच्चारण हो जाएगा तो उद्धार हो जाएगा। कथा व्यास नित्यानंद महाराज ने भगवान शिव और सती का मार्मिक प्रसंग सुनाते हुए कहा, मन में भगवान राम के भगवान होने की शंका के कारण सती को शंकर का त्याग सहना पड़ा। उन्होंने सती के पिता दक्ष प्रजापति के अहंकार का प्रसंग सुनाते हुए कहा, अंहकारी व्यक्ति को झुकने के बजाय टूटना स्वीकार होता है। सच्चा भक्त फलदार वृक्ष की तरह विनम्र होकर झुका रहता है। ज्ञानी विवेक द्वारा भगवान को जानते हैं और भक्त भाव से भगवान को मानते हैं। इसलिए उनका बेड़ा पार हो जाता है। किसी को नीचा दिखाने के लिए किया गया सत्कर्म भी तामसी हो जाता है। जैसा दक्ष प्रजापति ने भगवान शंकर को अपमानित करने के लिए यज्ञ किया। उन्होंने अपने साथ आए भजन मंडली के साथ बीच बीच में सुंदर भजन सुनाकर भाव विभोर कर दिया। कार्यक्रम में यशपाल मग्गो, संजय मेहता, पवन मेंहदीरत्ता, पंकज चांदना, बृजेश भाटिया, राजू गोलानी, अंकुर चड्ढा, गोपी गोगिया, सुदेश आनंद, मोना सूरी, सोनिया गोयल, श्यामा बक्शी, वीना चड्ढा, अंजलि भाटिया, नीतू कपूर, अलका अरोड़ा, उषा जोली, सुनीता गोयल, मधु साहनी, सुनीता चड्ढा, लवली देवी, शशि, मधु गुप्ता, अमृत गंभीर, रेखा टुटेजा, रमा तनेजा, साधना कपूर, मीनू शर्मा, कमलेश लाम्बा, रुचि टुटेजा,मिनी जायसवाल, राधे श्याम, महेंद्र भसीन, एम पी कपूर, आई एस जगदेव, राम सिंह मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी भूपेन्द्र चड्ढा ने कहा कि 2 जून की सुबह 5 से शाम 5 बजे तक शहर की प्रमुख धार्मिक संस्थाओं के एक-एक घंटे के सहयोग से अखंड कीर्तन और साढ़े 5 बजे से कथा होगी। 2 जून 1983 को ब्रह्मलीन सर्वदास महाराज के कर कमलों द्वारा मन्दिर में विशाल मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा कर स्थापना की गई थी। इसलिए 2 जून सभी मूर्तियों का अवतरण दिवस है।