हल्द्वानी। अब पर्वतीय क्षेत्रों में भी पर्यटन गतिविधियों को और बढ़ावा देने की तैयारियां चल रही हैं। इसके लिए रामनगर की तर्ज पर पहाड़ों में भी ट्री हाउस (वृक्ष आवास) बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रारंभिक स्तर पर सात जगहों का चयन किया गया और डीएम की अध्यक्षता में बनी इको टूरिज्म कमेटी में इसका प्रस्ताव भी पास हो गया है। वन विभाग इको टूरिज्म गतिविधियों को संचालित करता है। इसके तहत कार्बेट पार्क से लेकर नंधौर अभयारण्य समेत अन्य जगहों पर लोग जैव विविधता देखने के लिए पहुंचते हैं। यहां पर पर्यटन की सुविधाओं को विकसित किया गया है। अब वन विभाग पर्यटकों को नए अनुभव और सुविधाओं से रूबरू कराने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो रेंज में ट्री हाउस को विकसित किया है। इसमें पर्यटकों के लिए एक पेड़ पर कमरा और अन्य सुविधाएं जुटाई गई हैं। पेड़ पर बने घर से आसपास का जंगल देखा जा सकता है। इस ट्री हाउस की खासी डिमांड है। कुछ इसी तर्ज पर पहाड़ों में भी ट्री हाउस को विकसित करने की योजना है।
यहां पर तैयार होंगे ट्री हाउस
हल्द्वानी। नैनीताल वन प्रभाग के डीएफओ चंद्रशेखर जोशी कहते हैं कि किलबरी, महेश खान, पंगूट, स्नोव्यू, रूसी बाइपास, विनायक, और हैड़ाखान क्षेत्र में सिनाड़ जलाशय के पास पहले चरण में ट्री हाउस बनाने का फैसला किया गया है। यहां पर आवश्यकता अनुसार एक से दो ट्री हाउस को बनाने की योजना है, इसका प्रस्ताव इको टूरिज्म कमेटी में पास हो गया है। इस कार्य के लिए जिला खनिज फाउंडेशन न्यास निधि और गौला कार्पस से भी बजट प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। इनके बनने से पर्यटकों सुविधा मिलेगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।