उत्तराखंड में अब गर्मी अपना असर दिखाने लगी है। सुबह शाम अभी हल्की सर्दी का अहसास तो हो रहा है, लेकिन सुबह से ही निकल रही चटख धूप गर्मी का अहसास कर रही है।
शुष्क मौसम के बीच गर्मी ने पसीने छुड़ाए
वहीं विभिन्न हिस्सों में मौसम इन दिनों अलग-अलग रंग दिखा रहा है। कहीं चटख धूप खिल रही है तो कहीं ओलावृष्टि हो रही है। बुधवार को मसूरी और आसपास के क्षेत्र में शाम को अचानक ओलावृष्टि हो गई। जबकि, अन्य मैदानी इलाकों में शुष्क मौसम के बीच गर्मी ने पसीने छुड़ाए। मौसम विभाग ने शुक्रवार से ज्यादातर मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहने की आशंका जताई है। जबकि, पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं आंशिक बादल छाये रह सकते हैं।
मैदानी इलाकों में उमसभरी गर्मी
मसूरी में गुरुवार शाम को मौसम अचानक बदल गया। तेज हवाओं के साथ झमाझम ओले गिरे। इसके बाद तापमान में गिरावट आने से हल्की ठंड भी महसूस की गई। मैदानी इलाकों में उमसभरी गर्मी महसूस की गई। दून में अधिकतम पारा 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा भी कई अन्य इलाकों में पारा सामान्य से पांच से सात डिग्री सेल्सियस तक अधिक बना हुआ है।
उत्तरकाशी : जंगलों को आग से बचाने को पिरूल किया एकत्र
गंगा विश्व धरोहर मंच की पहल पर हिमालय प्लांट बैंक श्याम स्मृति वन में संस्कृत महाविद्यालय, पीजी कालेज के राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवियों व गंगा क्लब के सदस्यों ने पौधारोपण किया गया। वहीं, वरूणावत पर जाकर चीड़ की पत्तियों (पिरूल) को एकत्र किया गया। साथ ही जल संग्रहण के लिए छोटे-छोटे गड्ढे भी खोदे गए, जिससे जंगलों में आग की घटनाएं रोकी जा सके। इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी प्रताप पोखरियाल, संस्कृत महाविद्यालय के एनएसएस अधिकारी डा. द्वारिका नौटियाल, गंगा विश्व धरोहर मंच के संयोजक डा. शंभू प्रसाद नौटियाल, गंगा क्लब के सदस्य रोहित, गौरव, अनीषा, आलोक, अजय, चंद्रप्रिया, खुशी, संतोषी, एनएसएस स्वयंसेवी प्रवेश, नरेश, आशुतोष, दिलीप, अरविंद, जितेंद्र आदि उपस्थित थे।