Saturday, October 10, 2026
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टनल निर्माण का 95% काम हुआ पूरा; कर्णप्रयाग से बागेश्वर तक रेल विस्तार की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

देहरादून, 11 फरवरी 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में राज्य में प्रस्तावित और निर्माणाधीन रेल परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माणाधीन एस्केप टनल को समानांतर सड़कों (पैरेलल रोड्स) के रूप में विकसित किया जाए। बैठक में उन्होंने टनकपुर-बागेश्वर और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजनाओं पर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना में बनी एस्केप टनलों के भविष्य उपयोग पर कार्य योजना तैयार करने और कर्णप्रयाग से बागेश्वर तक रेल लाइन के विस्तार की संभावना पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया जाए, जिससे निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके। परियोजना के वैकल्पिक मार्गों और अल्मोड़ा-सोमेश्वर क्षेत्र को जोड़ने की संभावनाओं पर भी काम किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन रेलवे स्टेशनों के आसपास स्थानीय लोगों के लिए बाजार, स्वरोजगार, होमस्टे और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित रेलवे स्टेशनों के आसपास के गांव, कस्बे, धार्मिक और पर्यटन स्थल भी पुनर्विकसित किए जाएं, ताकि भविष्य में उत्तराखंड आने वाले यात्रियों के लिए सुविधाएं सुनिश्चित हों।

बैठक में बताया गया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना का 72.5 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है, जिसमें टनल निर्माण का 95.30 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। परियोजना के तहत कुल 28 टनल बनाए गए हैं, जिनमें 16 मुख्य टनल और 12 एस्केप टनल शामिल हैं। साथ ही विभिन्न रेलवे स्टेशनों का निर्माण अलग-अलग थीम पर किया जा रहा है, जिसमें मुख्य रूप से शिवपुरी (नीलकंठ महादेव), ब्यासी (महर्षि वेदव्यास), देवप्रयाग (समुद्र मंथन), कर्णप्रयाग (बद्रीनाथ मंदिर) आदि शामिल है।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव ब्रजेश कुमार संत, प्रमुख परियोजना प्रबंधक हिमांशु बडोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और रेलवे के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।

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