देहरादून। साइबर अपराधियों ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताकर उत्तराखंड जल निगम के एक सेवानिवृत्त अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर लिया और उनसे 64.65 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देकर बुजुर्ग अधिकारी को मानसिक रूप से भयभीत किया।
पुलिस के अनुसार, 71 वर्षीय पीड़ित देहरादून के अजबपुर कलां क्षेत्र के निवासी हैं। आरोपियों ने फोन कर पीड़ित को बताया कि उनके नाम पर दिल्ली में एक फर्जी बैंक खाता खुला है, जिसका इस्तेमाल अवैध तस्करी के लिए किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति ने वीडियो कॉल कर खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताया और उच्चतम न्यायालय का जाली वारंट भी दिखाया।
ठगों ने पीड़ित को बताया कि मामले की जांच के लिए उनके बैंक खातों में जमा धनराशि का सत्यापन जरूरी है और जांच पूरी होने के बाद पूरी रकम वापस कर दी जाएगी। डर और दबाव में आकर पीड़ित ने दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच आरोपियों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में कुल 64 लाख 65 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
इसके बाद ठगों ने जमानत दिलाने के नाम पर चार लाख रुपये और मांगे। अतिरिक्त रकम की मांग होने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है और साइबर अपराधियों की पहचान के साथ ही ठगी की रकम बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि इस तरह के फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट और जांच एजेंसियों के नाम पर की जा रही ठगी से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत साइबर सेल या पुलिस को दें।