Sunday, October 25, 2026
HTML tutorial
HTML tutorial
Homeउत्तराखण्डमुख्यमंत्री की प्राथमिकता बना कार्लीगाड़ पुनर्वास, जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिला प्रशासन...

मुख्यमंत्री की प्राथमिकता बना कार्लीगाड़ पुनर्वास, जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिला प्रशासन युद्धस्तर पर जुटा

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, द्वारा कार्लीगाड़ क्षेत्र के पुनर्वास एवं राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा आपदाग्रस्त क्षेत्र कार्लीगाड़, सहस्त्रधारा में युद्धस्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के चलते आपदा प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, तथा मलबा निष्पादन के उद्देश्य से मशीनरी, मैनपॉवर एवं अन्य संसाधनों में व्यापक वृद्धि की गई है।

सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करते हुए राहत, पुनर्वास एवं संरक्षण संबंधी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रशासन द्वारा क्षेत्र की निरंतर निगरानी की जा रही है तथा प्रत्येक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके और भविष्य में इस प्रकार की आपदाओं से होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

जिलाधिकारी ने कैबिनेट मंत्री एवं स्थानीय विधायक, मसूरी विधानसभा क्षेत्र के साथ कार्लीगाड़ क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर पुनर्वास एवं मलबा हटाने के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान संबंधित विभागों को कार्यों में और अधिक तेजी लाने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान आपदा के कारण क्षेत्र में जमा हुए भारी मात्रा में मलबे को हटाने के कार्यों की समीक्षा की गई। कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्लीगाड़ क्षेत्र में जमा समस्त मलबे को आगामी 15 दिनों के भीतर हटाया जाए तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की क्षति से बचाव हेतु मलबे का वैज्ञानिक तरीके से चैनलाइजेशन किया जाए। साथ ही, आपदा प्रभावित परिवारों के सुरक्षित एवं स्थायी पुनर्वास के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जोखिम वाले क्षेत्रों में निवास कर रहे परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए, जिससे भविष्य में संभावित आपदाओं के दृष्टिगत जनहानि अथवा संपत्ति के नुकसान की आशंका को न्यून किया जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को पुनर्वास कार्यों को 15 दिनों के भीतर पूर्ण करने के लिए समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए।

आपदाग्रस्त क्षेत्र में मलबा हटाने के कार्यों में तेजी लाने हेतु खनन विभाग द्वारा 2 अतिरिक्त पोकलेन एवं जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं, जबकि डंपरों की संख्या बढ़ाकर 7 कर दी गई है। वहीं, सिंचाई विभाग द्वारा नदी के चैनलाइजेशन कार्यों के लिए 2 अतिरिक्त पोकलेन मशीनें लगाई गई हैं। इससे मलबा निष्पादन एवं नदी प्रवाह को व्यवस्थित करने के कार्यों में उल्लेखनीय गति आई है।

जिला प्रशासन द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्र कार्लीगाड़, सहस्त्रधारा में पूर्व से 2 पोकलेन मशीनें, जेसीबी एवं डंपर तैनात कर राहत एवं पुनर्वास कार्य संचालित किए जा रहे थे। माननीय मुख्यमंत्री द्वारा मशीनरी एवं मैनपॉवर बढ़ाने के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन ने संसाधनों में और वृद्धि करते हुए मलबा हटाने एवं नदी चैनलाइजेशन के कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करना प्रारम्भ कर दिया है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
HTML tutorial
HTML tutorial

Most Popular

Recent Comments