Friday, April 3, 2026
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पशुपालकों को भूसे और साइलेज पर मिलेगी सब्सिडी

रुद्रपुर। राज्य में पहली बार दुग्ध उत्पादकों को 50 प्रतिशत सब्सिडी में भूसा तो 75 प्रतिशत सब्सिडी में साइलेज ब्लॉक मिलेगा। दुग्ध मंत्री सौरभ बहुगुणा ने 23वें व 24वें वार्षिक सामान्य निकाय अधिवेशन में दुग्ध उत्पादकों के लिए यह घोषणा की। साथ ही कहा कि 50 प्रतिशत सब्सिडी में पशुपालकों को चॉफ कटर भी दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को जवाहर नवोदय विद्यालय के सभागार में हुई एजीएम में कैबिनेट मंत्री बहुगुणा ने कहा कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पशुपालकों की बकाया दुग्ध प्रोत्साहन राशि (22 करोड़ रुपये) का डीबीटी के माध्यम से भुगतान करेंगे। कहा कि अगर आंचल दूध की मार्केटिंग अच्छे से हो तो उत्तराखंड में दूध क्रांति ला सकते हैं। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य में फैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर के साथ आंचल कैफे खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि भूसे के दाम अधिक होने पर पशुपालकों को दिक्कतें हुई हैं। किसान अगर भूसा देंगे तो प्रति एकड़ 10 हजार रुपये सरकार देगी। तीन से पांच दुधारू पशु लेने पर 33 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी। 108 की तर्ज पर राज्य में 60 पशु एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। इसमें दो डॉक्टर व एक ड्राइवर रहेगा। वहां डेयरी सहायक निदेशक राजेंद्र चौहान, मेयर रामपाल सिंह, प्रशासक तिलक राज गंभीर, राज्य सहकारी बैंक अध्यक्ष दान सिंह रावत, भारत भूषण चुघ, ऊधमसिंह नगर दुग्ध संघ के जीएम संजय डिमरी, सहायक निदेशक निर्भय नारायण सिंह, राम पांडे, प्रेम सिंह आदि थे।
उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 64 करोड़ रुपये
रुद्रपुर। कैबिनेट मंत्री बहुगुणा ने कहा कि नैनीताल दुग्ध सोसायटी की क्षमता बढ़ाने के लिए 64 करोड़ रुपये और चंपावत दुग्ध सोसायटी को सात करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि दुग्ध संघ में अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी नहीं चलेगी। लापरवाही करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गिफ्ट का लालच नहीं, दूध का रेट चाहिए
रुद्रपुर। सामान्य निकाय अधिवेशन में दुग्ध उत्पादक राजनाथ सिंह ने कहा कि दुग्ध उत्पादकों को गिफ्ट का लालच नहीं है। उन्हें दूध के अच्छे दाम चाहिए। अगर प्रोत्साहन राशि नहीं बढ़ाई गई तो वे गिफ्ट फेंककर चले जाएंगे।
एक्सपायर हो चुके गुलाब जामुन बेचने का मामला उठा
रुद्रपुर। खटीमा से आए अनिल वर्मा ने कहा कि पिछले रक्षाबंधन में बाजार में आंचल का एक्सपायर हो चुका गुलाब जामुन बाजार में उतारा गया। इस पर गुलाब जामुन बनाने वाली दुग्ध समिति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मामले की शिकायत करने पर डराने के लिए कोर्ट नोटिस भेजा जा रहा है। मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मामले की जांच करने के निर्देश दिए।
गेट के अंदर नहीं घुसने देने पर दुग्ध सचिवों का प्रदर्शन
रुद्रपुर। दुग्ध समिति सचिव वेलफेयर सोसायटी के बैनर तले बृहस्पतिवार को 70 सचिव विभिन्न मांगों को लेकर दुग्ध संघ के एजीएम में पहुंचे लेकिन सचिवों को कर्मचारियों व पुलिस बल ने गेट पर ही रोक लिया। गेट के बाहर रोकने से आक्रोशित सचिवों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। सचिवों ने कहा कि वर्तमान में राज्य सरकार व दुग्ध संघ की ओर से सचिवों ने कई कार्य कराए जाते हैं। मानदेय न मिलने के कारण परिवार का भरण पोषण करने में दिक्कतें आ रही हैं। दुग्ध सचिवों की आकस्मिक मृत्यु होने पर संघ की ओर से पीड़ित परिवार को मदद देनी चाहिए। बाद में दुग्ध मंत्री सौरभ बहुगुणा मौके पर पहुंचे और सचिवों को अंदर ले जाकर उनसे ज्ञापन लेकर मांगों के निस्तारण का आश्वासन दिया। वहां प्रदेश महामंत्री राम सिंह धामी, राकेश सिंह, राजेंद्र सामंत, केएन जोशी आदि थे।
हम लोग कई वर्षों से मानदेय की मांग कर रहे हैं लेकिन हमारी मांगें हर बार अनसुनी की जा रही हैं जबकि हमारा कार्य बहुत ही मेहनत वाला है और सहकारिता को मजबूती प्रदान करता है। – घनश्याम कापड़ी।
मैं पिछले 22 वर्षों से दुग्ध समिति से जुड़ा हुआ हूं। हम लोग दुग्ध संघ को दूध की आपूर्ति कर राजस्व उपलब्ध करवाते हैं लेकिन हम लोग सिर्फ अपने मवेशियों के दूध पर ही निर्भर हैं। मानदेय नहीं मिल रहा है। – राजेंद्र रुमाल।
दुग्ध समिति के सचिवों को सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं की जा रही है। इस कारण सचिव आर्थिक रूप से मजबूत नहीं हो पा रहे हैं। – कविता।
सरकार की ओर से दुग्ध सचिवों को बीमा का लाभ भी नहीं दिया जा रहा है। मानदेय के साथ ही बीमा की सुविधा की भी कई बार मांग उठ चुकी है लेकिन हर बार अनदेखी हो रही है। – कुंडल खनका।

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