Sunday, October 25, 2026
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बेटे व पत्नी के लिए ही खतरे का सबब बना शस्त्र, डीएम ने विशेषाधिकार प्रयोग कर किया लाईसेंस निलम्बित

देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में प्रत्येक सोमवार की भांति इस सोमवार को भी क्लेक्ट्रेट सभागार में जनता दरबार लगाकर जन समस्याएं सुनी गई। जनता दरबार में पहुंचे अधिकांश फरियादियों ने भूमि और घरेलू विवाद के मामले प्रमुखता से रखे। इसके अतिरिक्त मुआवजा, आर्थिक सहायता, सड़क, पेयजल, एमडीडीए, नगर निगम, पुलिस, परिवहन, शिक्षा, रोजगार आदि से जुड़ी 140 समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जिसमें से अधिकांश शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर निराकरण किया।

रेसकोर्स निवासी विकास घिल्डियाल ने बताया कि उसकी माता पिता के तलाक होने के बाद भी उसके पिता लाइसेंसी बंदूक से उसे और उसकी माता को डराया धमकाया करते है, जिससे कभी भी अप्रिय घटना हो सकती है। सगे बेटे व पत्नी के लिए ही खतरे का सबब बना शस्त्र को डीएम ने विशेषाधिकार प्रयोग कर मौके पर ही लाइसेंस निलंबित करने के निर्देश दिए।

बंगील लाईब्रेरी रोड, मान सिंह वाला निवासी किरन गोयल ने जिलाधिकारी को फरियाद लगाई कि लोनिवि द्वारा बनाई गई सड़क पर जल निकासी की व्यवस्था न होने से वर्षा होने पर 2 से 3 फीट तक पानी भर जाता है और घरो में पानी घुसता है जिससे बीमारी फैलने का खतरा है। जिस पर डीएम ने अधीक्षण अभियंता लोनिवि को कल से ही कार्य शुरू कराते हुए एक सप्ताह के भीतर समस्या निराकरण क निर्देश दिए। तय समयावधि में समाधान न किये जाने पर डीएम ने प्रतिकूल प्रविष्टी की चेतावनी जारी की।

ग्राम तौली विकासनगर निवासी हुकुम सिंह का भूमि सीमांकन प्रकरण पूर्व दिए गए आदेशो के उपरान्त औपचारिकता करने की शिकायत पुनः डीएम के सम्मुख आने पर नाराजगी जाहिर करते हुए डीएम ने डीएफओ व एसडीओ कालसी को एक सप्ताह के भीतर प्रकरण निस्तारित करने के निर्देश दिए।

माजरा सेवलकला निवासी 60 वर्षीय दिव्यांग टीकाराम शर्मा ने दिव्यांग पेंशन स्वीकृत करने की गुहार लगाई। दिव्यांग पेंशन न लगने का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी से दिव्यांग पेंशन स्वीकृत न किए जाने का कारण तलब किया है। उन्होंने मामले की जांच कर तत्काल पेंशन स्वीकृति के निर्देश दिए।

कैंसर की बीमारी से जूूझ रही किशन पुर निवासी रेनू सिंह ने अपने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। बताया कि पति के छोड़ने के बाद वह अपने बेरोजगार बेटे के साथ अकेली रहती है। कैंसर की बीमारी से पीडित है। दिल्ली और देहरादून के अस्पताल इलाज कराने के बाद भी वो बीमारी से ठीक नही हो पा रही है। जिस पर जिलाधिकारी ने जिला कार्यालय के प्रभारी अधिकारी को रायफल क्लब के अंतर्गत आर्थिक सहायता हेतु तत्काल प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वही जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को एचआईएसटी, एआईआईएमएस ऋषिकेश एवं अन्य किसी अच्छे अस्पताल से संपर्क करते हुए महिला के उपचार में सहायता करने के निर्देश दिए।

पति की मृत्यु के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रही साहनी ने आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। बताया कि उसके तीन नाबालिग बच्चे है, घरों में बर्तन साफ करके किसी तरह बच्चों का भरण पोषण कर रही है। स्वास्थ्य खराब होने के कारण बच्चों की परवरिश में दिक्कत आ रही है। इस पर जिलाधिकारी ने ओसी क्लेक्ट्रेट को मामले की जांच कर रायफल क्लब में प्रस्ताव उपलब्ध कराने और महा प्रबंधक जिला उद्योग को महिला को स्वरोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए।

ऋषिकेश नेहरू ग्राम निवासी सुहानी ने कहा कि वो आगे पढ़ना चाहती है लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण उसको पढ़ाई छोडनी पड रही है। सुहानी ने आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर तत्काल नंदा सुनंदा योजना के तहत आवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं विधवा कविता की विधवा पेंशन स्वीकृत करते हुए उनकी बिटिया की पढाई नंदा-सुनंदा से पुनर्जीवित की गई। नंदा-सुनंदा योजना में आज भी 05 आवेदन मिले है, जिन पर डीएम ने तत्काल रिपोर्ट तलब की है। गरीब साहिना को रोजगार के साथ ही स्व रोजगारपरक प्रशिक्षण हेतु जीएमडीआईसी को निर्देशित किया गया तथा प्रशिक्षण के दौरान 7500 महीना भी मिलेगा।

श्यामपुर प्रेम नगर निवासी उषा देवी अपने दो पोतों के साथ जनता दरबार पहुंची। उन्होंने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उनके बहू-बेटे की आकस्मिक मृत्यु हो चुकी है। जिससे दोनों बच्चे अनाथ हो गए है। बहू-बेटे का मृत्यु प्रमाण पत्र नही बना पाया है। इस पर जिलाधिकारी ने बच्चों के माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के साथ ही मौके पर ही स्पॉन्सरशिप स्कीम के तहत दोनों बच्चों को 4-4 हजार प्रतिमाह की स्वीकृति प्रदान की।  

व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने विजन इंडिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए बताया कि विगत चार वर्षाे में कंपनी द्वारा मानदेय में मात्र दो हजार की वृद्वि की गई है। जिस पर जिलाधिकारी ने शिक्षा सचिव से व्यावसायिक शिक्षकों की समस्या के निदान करने का अनुरोध किया है।

अभिभावक संघ ने कैब्रियन हॉल स्कूल देहरादून पर मनमाने ढंग से फीस बढाने की शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी से कैब्रियन हॉल स्कूल के खिलाफल पूर्व में फीस वृद्वि के मामले पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की। उन्होंने नियम विरूद्व फीस बढ़ाने पर स्कूल के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।  

जनता दरबार में एसडीएम अपूर्वा, एसडीएम कुमकुम जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढौंडियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

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