देहरादून। उत्तराखंड सरकार प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में 17 नए मिनी स्टेडियम बनाने जा रही है। इस पहल का उद्देश्य दूरदराज के इलाकों में रहने वाले खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर ही अभ्यास और प्रशिक्षण की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
युवा कल्याण विभाग के अनुसार राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 17 मिनी स्टेडियम तैयार किए जाएंगे। इनमें से 11 स्टेडियम प्रस्तावित हैं, जबकि छह स्टेडियमों का निर्माण कार्य पहले से जारी है। सरकार का मानना है कि इन स्टेडियमों के निर्माण से ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
कई जिलों में होंगे नए स्टेडियम
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक टिहरी जिले के नैलचामी और घरगांव डांडा में मिनी स्टेडियम बनाए जाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा पिथौरागढ़ के ग्यालदेवी, उत्तरकाशी जिले की ग्राम पंचायत भंकोली स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर, तथा पौड़ी जिले के एकेश्वर ब्लॉक मुख्यालय और दुगड्डा में भी मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा।
इसी तरह नैनीताल जिले के भीमताल, चंपावत के बनबसा, बागेश्वर के देवतोली और अल्मोड़ा जिले के छौलछीना में भी मिनी स्टेडियम बनाए जाने की योजना तैयार की गई है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से स्थानीय युवाओं को खेल अभ्यास के लिए बेहतर मैदान और बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी।
खेल ढांचे को मिलेगी मजबूती
राज्य की खेल मंत्री रेखा आर्या के अनुसार वर्तमान में उत्तराखंड में खेल विभाग के 30 मिनी स्टेडियम और युवा कल्याण विभाग के 102 मिनी स्टेडियम संचालित हो रहे हैं। नए मिनी स्टेडियम बनने से प्रदेश में खेल ढांचे को और मजबूत किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं को भी बड़े शहरों की तरह खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें और राज्य का नाम राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकें।