रामनगर (नैनीताल)। संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में रामनगर के किसानों, सामाजिक और महिला संगठनों ने रानीखेत रोड पुराना टैक्सी स्टैंड के पास प्रदर्शन किया। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए। किसानों पर आंदोलन के दौरान लगे सभी मुकदमे वापस लिए जाएं और जेल में बंद सभी सामाजिक, राजनीतिक कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा किया जाए। आटा, दही, पनीर और स्टेशनरी आदि पर लगाया गया जीएसटी वापस लिया जाए। प्रदर्शन के दौरान किसान संघर्ष समिति के संयोजक ललित उप्रेती ने कहा कि मोदी सरकार ने एमएसपी को लेकर कमेटी बनाई है, उस कमेटी में उन लोगों को शामिल किया गया है जो तीनों कानूनों के समर्थक थे। यह कमेटी किसानों को न्याय नहीं दे सकती।
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने कहा कि आज सरकार किसानों की आय दोगुनी तो नहीं कर पाई और किसानी को घाटे में डाल दिया। इस मौके पर लालमणि, किसान नेता आनंद सिंह नेगी, कौशल्या, किशन शर्मा, महिला एकता मंच की संयोजिका ललिता रावत, सरस्वती जोशी, कौशल्या, सोबन सिंह तड़ियाल, राजेंद्र सिंह, मनमोहन अग्रवाल, बची राम, हेम आदि मौजूद रहे।