शनिवार रात 12 से रविवार सुबह पांच बजे तक हुई भारी बारिश से कर्णप्रयाग नगर में कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं हुईं। कर्णप्रयाग-रानीखेत रोड़ पर सांकरी में पहाड़ी से आए मलबे में तीन कार दब गई। जबकि कई मकानों में मलबा भर गया। कर्णप्रयाग-रानीखेत रोड़ पर सिमली पुल के पास सडक बंद होने से यहां कई वाहन फंसे गए। सब्जी मंडी से लेकर आईटीआई क्षेत्र तक भी कई मकानों में मलबा भर गया है। लंगासू के पास बदरीनाथ हाईवे पर मलबा आने से सड़क दलदल में तब्दील हो गई। वहीं, कर्णप्रयाग के पास पंचपुलिया में मलबा आने से सड़क बंद हो गई, हालांकि वहां पर मलबा हटाया जा रहा है और जल्द हाईवे खुलने की संभावना है।
कर्णप्रयाग-थराली सड़क पर नलगांव व हरमनी में भी मलबा आया है। कर्णप्रयाग-रानीखेत हाईवे पर क्वोंणी गदेरे के पास मलबा लोगों के घरों में घुस गया। यहां रात को खड़ी एक स्कूटी भी मलबे में दब गई। कर्णप्रयाग-नौटी, कर्णप्रयाग-नैनीसैंण, सिमली-शैलेश्वर सड़कों पर भी मलबा आने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा। उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी है। पहाड़ों पर बारिश से आवाजाही मुश्किल हो गई है। बदरीनाथ हाईवे पागल नाला में खतरनाक बना हुआ है। वहीं गंगोत्री हाईवे सुक्की नाले के उफान पर आने से पांच जगह बंद हो गया जिसके चलते यहां कई यात्री फंस गए हैं। हाईवे पर मलबे से बार-बार यातायात बाधित हो रहा है। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब जाने वाले तीर्थयात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मलबे से हाईवे पर हाल ही में निर्मित मोटर पुल को भी खतरा बना हुआ है। एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों ने जिला प्रशासन से पीएमजीएसवाई की शिकायत की है। साथ ही शीघ्र मलबा हटवाने का अनुरोध किया है।