दून शहर के विभिन्न हिस्सों में बेचने के लिए लाए गए पनीर, मावे के आठ नमूने खाद्य सुरक्षा के मानकों पर फेल और असुरक्षित पाए गए हैं। अल्मोड़ा जिले में लिया गया पापड़ का एक नमूना भी फेल पाया गया है। रुद्रपुर स्थित राजकीय प्रयोगशाला से इन नमूनों की रिपोर्ट आई है। प्रदेश की खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त राधिका झा ने इन सभी विक्रेताओं पर न्यायालय में मुकदमा चलाने के निर्देश दिए हैं।
आयुक्त के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने पिछले कुछ महीनों में त्योहारी और शादी के सीजन के दौरान पनीर, मावा आदि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए अभियान चलाया था। शिकायत मिल रही थी कि सहारनपुर और मुजफ्फरनगर समेत उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों से मिलावटी पनीर व दून लाकर शहर और मसूरी में कई जगह बेचा जा रहा है। अन्य जिलों में भी इस तरह की शिकायत मिल रही थी। इस पर अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर चेकिंग कर संदेह होने पर दूूध, पनीर, मावा और पापड़ आदि खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए रुद्रपुर प्रयोगशाला भेजे गए। इनमें अल्मोड़ा में डेन कार्बेट रिसार्ट कुमेड़िया मोहान सल्ट से लिया गया पापड़ा का नमूना जांच में फेल पाया गया। देहरादून में राधा एनक्लेव सहस्त्रधारा रोड, नेहरू कॉलोनी, मुस्लिम कॉलोनी भंडारी बाग, रीठामंडी भंडारी बाग से लिए गए खुले पनीर के नमूने फेल मिले। जबकि रीठामंडी में लिया गया खुले मावे का एक नमूना फेल मिला। पनीर विक्रेता फैडरिक, अलीशेर कुरैशी, मुर्तजा, सुभाष चंद्र, मोहम्मद इरशाद, अफजल हसन, मुर्तजा और मावा विक्रेता इरशाद के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
सुरक्षित नहीं है शहर में ज्यादातर जगह बिक रहा पनीर
शहर में लिए गए पनीर के नमूनों का खाद्य सुरक्षा के मानकों पर फेल पाया जाना शहरवासियों और पर्यटकों की सेहत के लिए खतरे से खाली नहीं है। सस्ता होने की वजह से मसूरी और देहरादून में बड़े पैमाने पर मिलावटी पनीर को खपाया जाता है।
कैसे करें मिलावटी पनीर और मावे की पहचान
पनीर का टुकड़ा हाथ में मसलकर देखें। अगर यह टूटकर बिखर जाए तो यह मिलावट की पहचान है। इसमें मौजूद केमिकल दबाव नहीं सह पाता। पनीर को पानी में उबाल कर ठंडा कर लें। ठंडा होने पर उसके ऊपर कुछ बूंदें आयोडीन टिंचर की डालें। अगर पनीर का रंग नीला पड़ जाए तो इसमें मिलावट है। नकली पनीर ज्यादा टाइट होता है। उसका आकार रबड़ की तरह होता है। इसी तरह, मावे को हथेली पर रखने पर अगर वह तेल छोड़ता है तो मिलावट नहीं है। मावे को हल्के गुनगुने पानी में डाल दें। फिर इसमें थोड़ा चने का आटा व चुटकी भर हल्दी मिला दें। रंग गुलाबी आता है तो मान लीजिए कि इसमें मिलावट है।
मिलावटी पनीर-मावे से नुकसान
नेहरू कॉलोनी स्थित चारधाम अस्पताल के निदेशक एवं वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. केपी जोशी ने बताया कि मिलावटी दूध, पनीर और घी खाने से हृदय, लिवर, किडनी, आंत को नुकसान पहुंचता है। इसके साथ ही पेट की बीमारी और कैंसर तक होने की संभावना रहती है। वहीं, केमिकल बच्चों को मानसिक और शारीरिक रूप से बहुत कमजोर कर देते हैं। कई बार इन केमिकल के कारण नपुंसकता और अपंगता की भी समस्या आने का डर रहता है।