रानीखेत नगर से सटे सिंगोली गांव में तेंदुए का आतंक निरंतर बढ़ता जा रहा है, ग्रामीणों ने बताया कि वहां तीन से चार तेंदुए लंबे समय से सक्रिय हैं। दो दिन पहले पूर्व सैनिकों को घायल करने के बाद तेंदुआ अब और खूंखार हो गया है। शनिवार की देर शाम तेंदुए ने वहां कुछ बकरियों को निवाला बना लिया। इधर ग्रामीणों की मांग के बाद वन विभाग ने एहतियातन मुरादाबाद से शिकारी बुला लिया है। वहां मचान बनाकर तेंदुए पर नजर रखी जा रही है। सिंगोली गांव में दो दिन पूर्व तेंदुए ने घात लगाकर घर की तरफ आ रहे पूर्व सैनिक गोविंद सिंह परमार पर जानलेवा हमला बोल दिया था। गोविंद सिंह का सिर पूरी तरह से जख्मी हो गया, उनका अभी भी उपचार चल रहा है। वन विभाग ने गांव में पिंजरा लगाया लेकिन तेंदुआ अभी तक पिंजरे में नहीं फंसा है।
देर शाम उसने गांव निवासी राधिका देवी की बकरियों को निवाला बना लिया। सामाजिक कार्यकर्ता ललित जोशी ने बताया कि क्षेत्र में तीन से चार तेंदुए सक्रिय हैं और लंबे समय से मवेशियों को निवाला बना रहे हैं, कई लोगों पर वह झपटने का प्रयास भी कर चुका है। इधर, वन विभाग ने एहतियात के तौर पर मुरादाबाद से शिकारी राजीव सोलोमन को बुला लिया है। गांव में मचान बनाकर तेंदुए पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीण दहशत में हैं उन्होंने तेंदुए को आदमखोर घोषित करने की मांग भी उठाई है।
सिंगोली गांव में पिंजरा लगा दिया है और एहतियात के तौर पर मुरादाबाद से शिकारी राजीव सोलोमन को बुलाया गया है। फिलहाल तेंदुए को आदमखोर घोषित नहीं किया गया है। शिकारी बुलाने का मकसद यह है कि वह अन्य लोगों पर हमला नहीं करे। पहली प्राथमिकता तेंदुए को पकड़ने की ही है। वन विभाग पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रहा है। – महातिम यादव, डीएफओ अल्मोड़ा।