काशीपुर। तहसील कार्यालय में फैली अनियमितताओं को लेकर मंडलायुक्त से की गई शिकायत का संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने तहसील के सभी पटलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक लेखपाल के कक्ष में दो व्यक्ति अनावश्यक रूप से बैठे पाए गए। एसडीएम ने संबंधित लेखपाल का जवाब-तलब किया है। एसडीएम ने कार्यालय में निजी व्यक्तियों और दलालों की दखल पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए हैं।
एक पखवाड़े पूर्व कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने तहसील कार्यालय का दौरा किया था। इस दौरान अधिवक्ताओं ने उनसे मिलकर अवगत कराया था कि तहसील के अधिकतर पटलों पर अधिकारियों ने निजी सहायक रखे हुए हैं। ऐसे में अधिकारियों तक आम जन की सीधी पहुंच नहीं हो पाती। अधिवक्ताओं ने तहसील के आवश्यक अभिलेख अपूर्ण होने और दाखिल खारिज पत्रावलियों का निस्तारण नहीं होने की भी शिकायत की थी। डीएम युगल किशोर पंत ने एसडीएम को जांच के निर्देश दिए थे। सोमवार को एसडीएम अभय प्रताप सिंह तहसील पहुंचे। उन्होंने लेखपाल कक्षों का निरीक्षण कर वहां मौजूद लोगों से उनके वहां आने का कारण पूछा। कई लेखपालों के कक्षों में ताला लटका मिला। एक लेखपाल के कक्ष में दो व्यक्ति बैठे दिखे। एसडीएम ने तहसीलदार को लेखपाल का स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने खतौनी, आर-6 की नकल, नायब नाजिर और आरके पटलों का निरीक्षण किया।
कहा कि किसी भी पटल पर अधिकारी के अलावा कोई और टेबल नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जिस भी कर्मी के पटल पर निजी व्यक्ति काम करते पाए गए उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार ने एसडीएम को कार्मिकों की कमी से अवगत कराया। वहां तहसीलदार अक्षय कुमार भट्ट, नायब तहसीलदार एचआर आर्य, कानूनगो फूल सिंह, आरके मो. अकरम व नायब नाजिर जाकिर हुसैन आदि थे।