सरकार जाख-डोबरा सड़क की सुध नहीं ले रही है। सरकार ने तीन सौ करोड़ की लागत से डोबरा-चांठी पुल तो बना दिया लेकिन पुल के दोनों ओर से जोड़ने वाली सड़क बदहाल बनी है। ग्रामीण लंबे समय से खस्ताहाल बनी ढुंगीधार-जाख-डोबरा और चांठी-लंबगांव मोटर मार्ग को डबल लेन कर डामरीकरण की मांग कर रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी स्थिति जस की तस बनी है।
टिहरी बांध बनने के कारण 2006 में भल्डियाणा भारी वाहन मोटर पुल डूब गया था। इसके बाद सरकार ने डोबरा-चांठी में पुल का निर्माण करवाया था। पुल निर्माण पर करीब तीन सौ करोड़ खर्च होने के बाद बमुश्किल नवंबर 2020 में वाहनों का आवागमन शुरू हुआ था। वर्तमान में पुल के ऊपर से प्रतापनगर, थौलधार, जाखणीधार ब्लॉक से लेकर उत्तरकाशी के गाजणा पट्टी के करीब दो लाख आबादी सफर करती है। मार्ग पर प्रत्येक दिन छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। वाहनों की क्षमता के अनुरूप मार्ग संकरा बना है। नवंबर 2021 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मार्ग को डबल लेन करने की घोषणा की थी लेकिन लंबे समय बाद भी सीएम की घोषणा पूरी नहीं हो पाई है।जाख-डोबरा सड़क को डबल लेन बनाने और हॉटमिक्स करने का प्रथम चरण की डीपीआर तैयार कर दो माह पूर्व शासन को भेजी जा चुकी है। मार्च तक स्वीकृति मिलने की उम्मीद की है। बजट मिलने पर कार्य शुरू किया जाएगा।
डोबरा-चांठी पुल को जोडने वाली सड़क बनी खस्ताहाल
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