Monday, October 12, 2026
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आईटीआई गैंग के दो और लड़के गिरफ्तार, 15 चिह्नित

हल्द्वानी। आईटीआई गैंग की बढ़ती अराजकता को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। बीते दिन आठ लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दो और लड़कों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही 15 लड़कों को चिह्नित कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। गैंग में व्यापारी, नेता और संभ्रांत परिवार के लड़कों समेत नौकरीपेशा युवक भी शामिल हैं। यही वजह है कि कई सफेदपोश पुलिस के पास पैरवी के लिए पहुंच रहे हैं।
शहर में दहशत का माहौल पैदा करने वाले आईटीआई गैंग की अराजकता पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने कवायद शुरू कर दी है। मंगलवार को पुलिस ने गैंग के आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। बुधवार को दो अन्य सदस्य सीएमटी कॉलोनी डहरिया निवासी नितिन रावत और पीलीकोठी मुखानी निवासी नवीन मेहरा को पकड़ लिया। सोमवार शाम एमबीपीजी कॉलेज में हुई फायरिंग और मारपीट में दोनों युवक शामिल थे। पुलिस के हत्थे चढ़ी वीडियो में गिरफ्तार युवक मारपीट करते और धारदार हथियार से हमला करते नजर आ रहे हैं। दोनों आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस और एसओजी की पांच टीमें बनाई गई हैं। गिरफ्तार लोगों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है जिन युवकों पर ज्यादा आपराधिक मामले निकलेंगे उनके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी की जाएगी।
आईटीआई गैंग में व्यापारी, नेता और संभ्रांत परिवार के लड़कों समेत नौकरीपेशा युवक भी शामिल
शहर में आईटीआई गैंग के पनपने का सबसे बड़ा कारण रहा उन्हें मिलने वाला राजनैतिक और ऊंची पहुंच वाले लोगों का संरक्षण। गैंग में कई युवा ऐसे हैं जो किसी राजनेता, व्यापारी या फिर ऊंची पहुंच वाले व्यक्ति के परिवार से हैं। इसकी वजह से वारदात करने के बाद भी पुलिस के हाथ उन तक नहीं पहुंच पाते थे। जब भी उनकी धरपकड़ की बात आती तो पुलिस पर दबाव पड़ जाता था। मंगलवार को गिरफ्तार हुए आठ लड़कों में एक बड़े व्यापारी का बेटा है, तो दूसरा एक सत्ताधारी पार्टी के नेता का भतीजा है। एक लड़का बतौर अकाउंटेंट नौकरी करता है। गिरफ्तार गैंग के सदस्यों की पैरवी के लिए लोगों ने बुधवार को हल्द्वानी पहुंचे सीएम से भी पुलिस की शिकायत की, लेकिन पुलिस के सख्त रुख के आगे कोई पैरवी काम नहीं आई।
व्हाट्सएप के ग्रुप से संचालित होता है गैंग
आईटीआई गैंग की परतें खुलने लगी हैं। असल में गैंग को कई व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से चलाया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, दस अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप बने हैं जिनके एडमिन तो एक-दूसरे को जानते हैं लेकिन उनमें जुड़े लड़के अनजान हैं। किसी का किसी से भी विवाद हो, लड़कों के पास उनके व्हाट्सएप पर मैसेज पहुंचता है जिसमें विवाद की मात्र सूचना होती है। मैसेज मिलते ही समूह के लड़के घटनास्थल पर पहुंच जाते हैं और वारदात को अंजाम देते हैं।
परिजनों से बातचीत करेगी पुलिस
सीओ हल्द्वानी भूपेंद्र सिंह धौनी ने बताया कि पुलिस टीम लगातार आईटीआई गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी में जुटी हुई है। बताया कि जितने भी लोग प्रकाश में आ रहे हैं उनकी निगरानी भी बढ़ाई जा रही है। जो लड़के गैंग से जुड़े हैं लेकिन अभी तक किसी वारदात में शामिल नहीं रहे हैं उनके परिजनों को बुलाकर बातचीत कर उन्हें शुरुआती हिदायत दी जाएगी। इसके बाद भी न मानने पर उन लड़कों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी पंकज भट्ट का कहना है कि शहर में कानून और व्यवस्था से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आये दिन सामने आ रही आईटीआई गैंग की बढ़ती अराजकता को पुलिस नजरंदाज नहीं कर सकती। गैंग का सूपड़ा साफ करने के लिए पुलिस का विशेष अभियान शुरू हो गया है। जल्द ही गैंग के सभी सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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