काशीपुर। फौजदारी के मामले में ब्लॉक प्रमुख के भाई को अदालत में तलब किए जाने के खिलाफ दायर निगरानी याचिका प्रथम एडीजे ने सुनवाई के बाद स्वीकार कर ली है। अदालत ने तलब किए जाने के आदेश को अपास्त ठहराते हुए अवर न्यायालय को वाद के निराकरण के निर्देश दिए हैं।
मोहल्ला काजीबाग निवासी जुम्मा ने सिविल जज की अदालत में परिवाद दायर किया था कि 16 फरवरी, 2017 को रात करीब साढ़े आठ बजे वह और उसका पुत्र मोहसिम अपने खेत में पानी लगा रहे थे। इस दौरान संजय कश्यप ने वहां आकर उनके साथ गालीगलौज और मारपीट की। संजय ने सरकारी कर्मचारियों से हमसाज होकर उसके खेत की सड़क काफी नीची करा दी जिससे उसके खेत में पानी भर जाता है। मामले की सुनवाई कर अदालत ने संजय को कोर्ट में तलब किया था।
संजय ने अपने अधिवक्ता आनंद रस्तोगी के माध्यम से तलब करने के आदेश के खिलाफ जिला सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका प्रस्तुत की। कहा कि यह प्रकरण सिविल प्रवृत्ति का है। इसे फौजदारी परिवाद के रूप में नहीं सुना जाना चाहिए। जुम्मा का कहना था कि आरोपी संजय प्रभावशाली है और ब्लॉक प्रमुख का भाई है। दोनों पक्षों को सुनकर प्रथम एडीजे सुबीर कुमार ने निगरानी याचिका स्वीकार कर संजय के खिलाफ अवर न्यायालय का तलब किए जाने का आदेश निरस्त कर दिया है।