अल्मोड़ा/बागेश्वर। अंकिता भंडारी हत्याकांड के विरोध में विभिन्न संगठनों में गुस्सा है। अल्मोड़ा और बागेश्वर में घटना के विरोध में कांग्रेसियों ने सरकार का पुतला फूंका और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग उठाई। अल्मोड़ा में कार्यकर्ताओं ने चौघानपाटा में भाजपा सरकार का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली भाजपा सरकार में महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ते जा रही है। भाजपा सरकार में अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है। भाजपा सरकार में राज्य की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड का फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर आरोपियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए। वहां पर जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, अध्यक्ष पूरन रौतेला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, जिला प्रवक्ता राजीव कर्नाटक, जिला सचिव दीपांशु पांडेय, प्रदेश सचिव परितोष जोशी, मोहन देवली, प्रदीप बिष्ट आदि थे।
इधर, बागेश्वर में कांग्रेस पार्टी और आप की युवा मोर्चा ने प्रदेश सरकार का पुतला जलाया। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में इस तरह के जघन्य अपराध होने के लिए प्रदेश सरकार को दोषी ठहराया। युवती के हत्यारोपियों को कठोर सजा दिलाने की मांग की। जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक के नेतृत्व में कांग्रेसी एसबीआई तिराहे पर एकत्र हुए। वरिष्ठ कार्यकर्ता राजेंद्र टंगड़िया ने आंख में काली पट्टी बांधकर एक घंटे तक धरना दिया। बाद में कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। जिस तरह से भाजपा सरकार ने अपराधियों को संरक्षण देने का काम किया है, वह भाजपा की महिला विरोधी नीतियों को प्रदर्शित करता है। वहां पर सुनील भंडारी, सुनीता टम्टा, देवेंद्र परिहार, विनोद पाठक, भूपेश खेतवाल, गोविंद कठायत, रत्ना पांडेय, महेश पंत आदि थे।