दिवाली पर सोमवार को हल्द्वानी सहित आसपास का क्षेत्र दीयों और इलेक्ट्रिक झालरों से रोशन रहा। लोगों ने अपने घरों पर खूब इलेक्ट्रिक झालरें लगाईं। इससे कुमाऊं के प्रवेश द्वार की सुंदरता पर चार चांद भी लग गए। तो वहीं रात के समय बिजली आपूर्ति प्रभावित न होने से त्योहार का आनंद बना रहा। इलेक्ट्रिक झालरों और रंगीन लाइटों के प्रयोग से हल्द्वानी सहित लगे हुए क्षेत्रों में बिजली की खपत में भी तकरीबन 20 फीसदी तक का इजाफा रिकॉर्ड किया गया है।
ऊर्जा निगम से मिली जानकारी के अनुसार हल्द्वानी क्षेत्र में सामान्य दिनों में 65 से 70 मिलियन यूनिट (एमयू) बिजली की खपत होती है। इसमें हल्द्वानी शहर में लगभग 28 मिलियन यूनिट और ग्रामीण में 42 मिलियन यूनिट प्रतिदिन खपत होती है। जबकि गर्मियों के दिनों में पंखे, एयर कंडीशनर और कूलर खपत बढ़ जाती है। हालांकि दिवाली त्योहार पर भी बिजली खपत में इजाफा हो जाता है। ऊर्जा निगम के अनुसार हल्द्वानी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में तकरीबन 10 से 15 मिलियन यूनिट बिजली की खपत बढ़ी है। ऐसे में प्रतिदिन होने वाली बिजली की खपत बढ़कर 80 से 85 मिलियन यूनिट तक रही है। वहीं, बिजली खपत में हुआ इजाफा भाईदूज तक बने रहने का अनुमान है। दिवाली पर बिजली की खपत में इजाफा हो जाता है। इसकी वजह त्योहार पर घरों को सजाने के लिए किया इलेक्ट्रिक झालरों और रंगीन लाइटों का प्रयोग रहता है। हालांकि, रंगीन एलईडी लाइटों के आने से कुछ सालों से खपत कम हो रही है। – डीडी पांगती, ईई, विद्युत वितरण खंड (ग्रामीण)