नैनीताल। जिला खनन समिति की बैठक में खनन कार्य से जुड़े वाहन स्वामियों ने डीएम को दुखड़ा सुनाया। उन्होंने बताया कि फिटनेस की दर कई गुना बढ़ा दी गई है। वाहन सरेंडर की अवधि बढ़ाने का आश्वासन मिला, पर उस पर कोई अमल नहीं हुआ। राज्य में रायल्टी की दर एक समान न होने से खनन कार्य मुश्किल हो गया है। जिले में गौला, नंधौर, कोसी और दाबका नदी में खनन कार्य किया जाता है। नवंबर शुरू होने के बावजूद खनन कार्य शुरू नहीं हुआ है। इस संबंध में डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में खनन कारोबारियों के साथ आरटीओ, पुलिस, वन विभाग और वन निगम के अधिकारियों की बैठक ली।
गौला संघर्ष समिति के अध्यक्ष पम्मी सैफी, डंपर यूनियन के अध्यक्ष मनोज मठपाल, संरक्षक इंदर बिष्ट, पृथ्वी पाठक, रविंद्र, रमेश जोशी, जीवन कबडवाल ने मांग उठाई कि रायल्टी की दर कम की जाएं, ग्रीन टैक्स माफ किया जाए, जीपीएस की दरें निर्धारित की जाएं, न्यूनतम एक माह का भी टैक्स जमा करने की सुविधा दी जाए। बताया कि राज्य में रायल्टी दर अलग-अलग होने से गौला से उपखनिज निकासी महंगी साबित हो रही है। खनन के दौरान विभागीय अधिकारी-कर्मचारी वाहन स्वामियों और चालकों को बेवजह परेशान करते हैं। खनन वाहन में 108 क्विंटल उपखनिज ले जाने की अनुमति होने के बावजूद सिर्फ 95 क्विंटल में ही आरटीओ और पुलिस विभाग की ओर से चालान या वाहन सीज कर दिया जाता है। अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया जाए। उससे पूर्व खनन शुरू किया जाना मुमकिन नहीं है। इस पर डीएम ने अधीनस्थ अधिकारियों को वाहन स्वामियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। इस मौके पर डीएफओ संदीप कुमार, प्रकाश आर्या, वन निगम के प्रभागीय खनन धीरेश चंद्र बिष्ट, अपर जिलाधिकारी अशोक कुमार जोशी, अपर निदेशक खनन राजपाल, सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी, एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र, कलेक्ट्रेट प्रभारी योगेश मेहरा, एसडीएम मनीष कुमार, गौरव चटवाल, सीटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी ऋचा सिंह, एआरटीओ संदीप कुमार, रोशनी भट्ट, सीओ विभा दीक्षित आदि मौजूद रहे।