Sunday, November 8, 2026
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हाइवे किनारे पकड़ीं पन्नी से ढकी नकली शराब की 60 पेटियां

रुद्रपुर। आबकारी विभाग की टीम ने काशीपुर-जसपुर हाईवे किनारे पन्नी से ढकी नकली शराब की 60 पेटियां बरामद की हैं। टीम ने मौके से दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। शराब जिले से सटे यूपी के मुरादाबाद में संचालित फैक्टरी से लाई गई थी। जांच करने पर शराब में एल्कोहॉल की मात्रा भी कम पाई गई। जिला आबकारी अधिकारी एके मिश्रा ने बताया कि जब्त हुई शराब के सैंपल को आबकारी मुख्यालय देहरादून की प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। जिले में पिछले कई दिनों से नकली शराब की तस्करी की सूचना मिल रही थी। इस पर जिला आबकारी विभाग की टीम ने काशीपुर-जसपुर हाईवे में अलीगंज को जाने वाले ओवरब्रिज के नीचे छापा मारा। टीम को सड़क किनारे पन्नी से ढकी शराब की 60 पेटियां मिलीं। इसमें उत्तराखंड आबकारी का नकली लेबल, होलोग्राम और अंग्रेजी शराब के ब्रांड का लेबल लगा हुआ था और बोतल में सील लगी थी। टीम ने मौके पर मौजूद भतगवां भगतपुर जिला मुुरादाबाद निवासी खिलेेंद्र सिंह और सलीम को टीम ने दबोच लिया।
पुरानी बोतल में नई शराब
उन्होंने बताया कि जिले से सटे मुरादाबाद क्षेत्र में एक फैक्टरी संचालित हो रही है। जो पुरानी बोतलों को खरीद कर उसमें नकली शराब भर रहे हैं। इसके अलावा उसे सील पैक कर प्रदेश के कई जिलों में बिक्री कर रहे हैं। हाल ही में नकली शराब की एक खेप बिक्री के लिए आई थी। जिसे वह ठिकाने लगाने के लिए तैयार थे। लेकिन तब तक आबकारी टीम ने पहुंच कर कार्रवाई शुरू कर दी।
जांच में सामर्थ्य से पांच फीसदी कम एल्कोहॉल पाया गया
आबकारी निरीक्षक प्रतिमन कन्याल ने बताया कि उस शराब को एल्कोमीटर से मापा गया है तो उसकी सामर्थ्य 37 प्रतिशत आई है। जबकि असली शराब की सामर्थ्य 42.08 प्रतिशत होती है। जिला आबकारी अधिकारी अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि दोनों आरोपियों को आबकारी अधिनियम के तहत न्यायालय में पेश किया जाएगा। इसके अलावा रिमांड पर ले कर उनसे और भी सख्त पूछताछ की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुरादाबाद जिला आबकारी अधिकारी को मामले से अवगत करा दिया गया है। इसके अलावा फैक्टरी संचालन में शामिल लोगों पर भी कार्रवाई होगी।
जिले में पहले भी पकड़े जा चुकी हैं नकली शराब
रुद्रपुर। जिले में चरस, स्मैक, नशीली गोलियों और इंजेक्शन के साथ ही बड़ी मात्रा में नकली शराब खपाई जाती है। तस्कर या तो नकली शराब तैयार करते हैं या फिर यूपी के जिलों से लाकर बेचने का काम करते हैं। नकली शराब की तस्करी में अच्छा मुनाफा होने की वजह से धंधा गिरोहबंद तरीके से किया जाता है। पूर्व में भी जिले में कई जगह नकली शराब पकड़े जाने के मामले सामने आ चुके हैं।
केस – 1
22 जून 2019 को आबकारी विभाग की टीम ने जिले के आनंदपुर गांव में नकली शराब बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया था। वहां से देसी शराब की सात पेटियां, 40 लीटर स्प्रिट, खाली पव्वे, होलोग्राम मिले थे।
केस – 2
27 अगस्त 2019 को पुलिस ने ट्रांजिट कैंप क्षेत्र के एक घर से नकली शराब बनाने वाली एक फैक्टरी का भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा वहां से 40-40 लीटर एल्कोहॉल से भरे दो जरीकेन और शराब बनाने के उपकरण मिले थे।
केस – 3
26 सितंबर 2019 को आबकारी विभाग की टीम ने खटीमा के एक घर से नकली शराब की 353 बोतलें बरामद कीं। वहां से महिला सहित दो लोगों को गिरफ्तार गया।
केस – 4
15 अक्तूबर 2019 को सितारगंज में पुलिस ने एक फॉर्म हाउस से नकली शराब बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया था। वहां से पुलिस को 1776 भरी व 550 खाली बोतल, लेबल, नकदी सहित कई सामान मिला था। वहां से पंजाब के रहने वाले दो आरोपियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

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