नैनीताल। मुख्यमंत्री पोषण योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में अंडों की आपूर्ति करने वाले सप्लायर ने बृहस्पतिवार को केंद्र में सड़े और खराब अंडों की आपूर्ति कर दी। यह अंडे गर्भवती व धात्री महिलाओं को बांटे जाने थे। केंद्र में मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने अंडे की पेटियां खोली तो उसमें सड़े व खराब अंडे थे। कई अंडों में कीडे थे मामले की जानकारी होने पर विभागीय अधिकारियों ने खराब अंडों के वितरण पर तत्काल रोक लगा दी है। सप्लायर को अंडों की पेटियों को वापस ले जाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री पोषण योजना के तहत गर्भवती व धात्री महिलाओं के साथ-साथ कुपोषित बच्चों को पोषाहार के रूप में अंडे दिए जाते हैं। बृहस्पतिवार को अंडों की आपूर्ति करने वाले सप्लायर ने मल्लीताल स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में नैनीताल शहर के विभिन्न केंद्रों के लिए 38 पेटी अंडे भिजवाए। आंगनबाड़ी वर्करों ने पेटियां खोली तो उसमें से दुर्गंध उठने लगी। कुछ अंडे तोड़े गए तो वह सड़े निकले। यही नहीं कई अंडों में कीड़े व चीटियां भी नजर आई। इस पर आंगनबाड़ी वर्करों ने विभागीय उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी देकर खराब अंडों को वापस कराने की मांग की। बाल विकास परियोजना विभाग के अंडों के वितरण पर रोक लगाते हुए सप्लायर को तत्काल अंडों की पेटियों को वापस ले जाने के निर्देश दिए।
शहर में हैं 71 आंगनबाड़ी केंद्र
नैनीताल। नैनीताल नगर पालिका क्षेत्र में 71 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें 252 गर्भवती महिलाएं, 246 धात्री महिलाएं व तीन से छह वर्ष के 326 बच्चे पंजीकृत हैं। इन सभी को मुख्यमंत्री पोषण योजना के तहत पोषण सामग्री बांटी जाती है। इधर आंगनबाड़ी वर्करों का कहना है कि वह कोई भी सामान बांटने से पहले हर बार उसकी जांच करते हैं ताकि किसी भी गर्भवती व धात्री महिला अथवा बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो।