Tuesday, October 27, 2026
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राज्य में जल्द होगा इन्वेस्टर समिट का आयोजन: सीएम धामी

रूद्रपुर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्तरीय उद्योग मित्र समिति की बैठक की| इस दौरान उन्होंने राज्य में जल्द ही इन्वेस्टर समिट का आयोजन किए जाने की बात कही| उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है हमारे औद्योगिक जगत से जुड़े लोगों से लगातार संवाद बना रहे, जिससे सभी समस्याओं का समाधान आसानी से हो सके। इन्वेस्टर समिट के ब्रांड एम्बेसडर भी हमारे औद्योगिक जगत से जुड़े लोग हैं। राज्य में औद्योगिक विकास के लिए राज्य सरकार हर सम्भव प्रयास कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक नीति में उद्योगपतियों के सुझावों को शामिल किया गया है। उत्तराखण्ड में औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। राज्य का नैसर्गिक सौन्दर्य व बेहतर मानव संसाधन उद्योगपतियों को उत्तराखण्ड की ओर आकर्षित कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बैठक में जो भी सुझाव प्राप्त हुए हैं, इन सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जायेगा। राज्य में औद्योगिक संस्थानों का तेजी से विकास हो, इसके लिए राज्य सरकार हर संभव सहयोग देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है बड़ी बैठकें राज्य के अलग-अलग स्थानों पर हो, इसलिए उद्योग मित्र की इस बैठक का आयोजन रूद्रपुर में करने का निर्णय लिया गया। इस तरह की बैठकें 06 माह में एक बार अवश्य हो, इसके प्रयास किये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड अभी युवा राज्य है। सीमित संसाधन होने के बावजूद भी राज्य के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा राज्य में सी.एस.आर के लिए एक सेल बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों एवं संस्थानों से राज्य को सी.एस.आर. फंड से सहयोग देने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल माहौल है। राज्य में औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक भवनों की ऊंचाई और बढ़ाई जायेगी। सिडकुल की सड़के बनाई जायेंगी और धीरे-धीरे अतिक्रमण हटाने का काम शुरू किया गया है तथा औद्योगिक क्षेत्रों सहित सभी जगह से अतिक्रमण हटाया जायेगा।

सीएम ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण श्रेणी का सरलीकरण करते हुए प्रयास किया जाएगा कि व्हाइट श्रेणी में आने वाले उद्योगों को एनओसी न लेनी पड़े। सोप स्टोन रॉयल्टी कम की गई है। प्रभावी लीसा नीति के लिए हिमाचल प्रदेश सहित अन्य राज्यों की लीसा नीतियों का परीक्षण कराते हुए लीसा नीति का भी सरलीकरण किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक आस्थानों में पुराने विद्युत सब स्टेशन्स पर लोड की समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार सबस्टेशनों को अपग्रेड किया जाये तथा औद्योगिक आस्थानों से अलग ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों के लिए अलग से फीडर होना चाहिए।

सीएम ने कहा कि सर्किल रेट के आधार पर स्टाम्प शुल्क गणना के सम्बन्ध में कन्फ्यूजन दूर करने के लिए स्पष्टीकरण किया जायेगा ताकि किसी भी प्रकार का कन्फ्यूजन न रहे। फूड प्रोसेसिंग पर शुल्क खत्म करने के परीक्षण कराया जाएगा। बहादराबाद इण्डस्ट्रीयल क्षेत्र में फायर स्टेशन स्थापित कराया जाएगा। सूक्ष्म उद्योगों के लिए सीडा द्वारा कम्पलीशन सर्टिफिकेट के लिए फायर एनओसी हटाने सम्बन्धी सुझाव का परीक्षण कराया जाएगा।

सीएम ने आगे कहा कि कारखाना अधिनियम में कर्मचारियों की संख्या निर्धारण के सम्बन्ध में परिवर्तन किया जाएगा। पेट्रोलियम लाईसेन्स नवीनीकरण की अवधि बढ़ाई जायेगी। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए काशीपुर में ईएसआई हॉस्पिटल प्रस्तावित किया गया है। दूरस्थ क्षेत्रों को हैली सेवा से जोड़ने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है| पन्तनगर एयरपोर्ट को अन्तराष्ट्रीय स्तर का बनाने की कार्यवाही लगभग अन्तिम चरण में है। राज्य में सिंगल विण्डो सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

बैठक में विधायक शिव अरोरा, मेयर रामपाल सिंह, मुख्य सचिव डॉ.एस.एस सन्धु, अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्धन सहित अन्य उद्यमि व अधिकारी उपस्थित रहें।

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