Tuesday, November 3, 2026
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देहरादून में बांग्लादेशी युवक ‘सचिन’ बनकर रह रहा था; फेसबुक वाली प्रेमिका ने बनवाए फर्जी दस्तावेज, दोनों गिरफ्तार

देहरादून: फेसबुक पर हुई दोस्ती ने लिया खतरनाक मोड़, बांग्लादेशी युवक ने टूरिस्ट वीजा पर आकर बदला नाम–पहचान, प्रेमिका संग गिरफ्तार

देहरादून पुलिस ने एक बांग्लादेशी युवक और उसकी भारतीय प्रेमिका को गिरफ्तार कर ऐसे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है जिसमें सोशल मीडिया पर पनपा प्रेम न केवल अवैध बॉर्डर पार तक पहुंच गया, बल्कि युवक ने अपनी पहचान भी बदल ली। आरोपी बांग्लादेशी ममून हसन ने टूरिस्ट वीजा पर भारत आकर प्रेमिका रीना चौहान से मुलाकात की और बाद में भारत में ‘सचिन चौहान’ नाम से फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बनवाकर रहने लगा।

गुरुवार रात दोनों को गिरफ्तार कर पुलिस ने पूरे मामले से पर्दा उठा दिया।


फेसबुक से दोस्ती, फिर हुआ प्यार और शुरू हुआ अवैध सफर

पुलिस जांच में पता चला कि बांग्लादेश के मेहरपुर जिले का निवासी ममून हसन (28) फेसबुक पर त्यूणी की रहने वाली रीना चौहान से जुड़ा। साल 2019 में पहली बार वह टूरिस्ट वीजा पर देहरादून आया और दो महीने तक रीना के साथ रहा। इसके बाद वह 2020 और 2021 में भी वीजा लेकर भारत आता रहा।

कोविड काल में वीजा समाप्त होने के बाद ममून ने रीना को अवैध तौर पर भारत-बांग्लादेश सीमा पार कराकर अपने साथ बांग्लादेश ले गया, जहां दोनों ने निकाह कर लिया। इसके बाद वे कई बार बिना दस्तावेजों के बॉर्डर क्रॉस करते हुए भारत लौटा करते थे और देहरादून में किराये पर रह रहे थे।


पूर्व पति के नाम का किया उपयोग, बन गया ‘सचिन चौहान’

रीना ने पुलिस को बताया कि उसका पहला विवाह त्यूणी निवासी सचिन चौहान के साथ हुआ था, लेकिन दोनों अलग रह रहे थे। इसी दौरान उसकी पहचान ममून से हुई और रिश्ता गहरा हो गया।

भारत में ममून को कानूनी पहचान दिलाने के लिए रीना ने अपने परिचितों की मदद से पूर्व पति के नाम पर फर्जी आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज बनवाए।
इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर ममून देहरादून के एक क्लब में बाउंसर की नौकरी भी कर रहा था।

पुलिस ने युवक के पास से सभी फर्जी कागजात कब्जे में ले लिए हैं।


ऑपरेशन कालनेमि में बड़ी सफलता, केंद्र एजेंसियों को भी अलर्ट

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि शहर में फर्जी नाम-पते पर रह रहे लोगों की जांच के तहत चल रहे ऑपरेशन कालनेमि में दोनों की गिरफ्तारी हुई है। नेहरू कॉलोनी पुलिस और एलआईयू को दोनों की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।

ममून ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह कई बार अवैध रूप से बॉर्डर क्रॉस कर चुका है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं दोनों ने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किसी देशविरोधी गतिविधि में तो नहीं किया। अभी तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है।

दोनों पर अवैध सीमा पार, फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी इस प्रकरण की जानकारी भेज दी गई है।


अब तक देहरादून में 16 बांग्लादेशी पकड़े गए

एसएसपी के अनुसार, ऑपरेशन कालनेमि के दौरान अब तक जिले में 16 बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।

  • 9 को डिपोर्ट किया गया है।

  • 7 विभिन्न अपराधों में शामिल पाए गए, जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

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