उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में आपातकालीन सेवा 112 के दुरुपयोग का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पारिवारिक विवाद में उलझे एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को कानूनी मुश्किलों में फंसाने के लिए पुलिस को झूठी सूचना दे दी। आरोपी पति ने फोन कर दावा किया कि उसकी पत्नी ने उसकी मां को जहरीला पदार्थ खिला दिया है, जिससे बुजुर्ग महिला की हालत गंभीर बताई गई।
सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। कॉल करने वाले ने खुद को नारसन कला गांव का निवासी बताया और कहा कि पत्नी व मां के बीच झगड़ा बढ़ गया था, जिसके बाद पत्नी ने सास को जहर दे दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची।
पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो हालात पूरी तरह सामान्य पाए गए। बुजुर्ग महिला सुरक्षित थी और किसी तरह की जहरीले पदार्थ की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस ने सास, बहू और पति से अलग-अलग पूछताछ की। जांच में सामने आया कि पति का अपनी पत्नी से लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था और इसी वजह से उसने पत्नी को फंसाने के लिए पूरी कहानी गढ़ी थी।
पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो गया कि जहर देने की बात पूरी तरह झूठी थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पति को कोतवाली ले जाकर कड़ी फटकार लगाई और उसके खिलाफ कार्रवाई की।
पुलिस एक्ट में 10 हजार रुपये का चालान
झूठी सूचना देकर आपातकालीन सेवाओं का दुरुपयोग करने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत 10 हजार रुपये का चालान किया है। वरिष्ठ उपनिरीक्षक रफत अली ने बताया कि 112 नंबर पर मिली सूचना पूरी तरह गलत पाई गई। मौके पर किसी तरह की आपात स्थिति नहीं थी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि आपातकालीन नंबरों का इस्तेमाल केवल वास्तविक संकट की स्थिति में ही करें। झूठी सूचनाएं न केवल कानूनन अपराध हैं, बल्कि इससे पुलिस संसाधनों का दुरुपयोग होता है और वास्तविक जरूरतमंदों की मदद में देरी हो सकती है।