Saturday, October 24, 2026
HTML tutorial
HTML tutorial
Homeनेशनलराहुल गांधी की तुलना श्रीराम से करने पर संजय निरुपम का तीखा...

राहुल गांधी की तुलना श्रीराम से करने पर संजय निरुपम का तीखा हमला, कांग्रेस के आचरण को बताया ‘रावण जैसा’

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता नाना पटोले द्वारा राहुल गांधी की तुलना भगवान श्रीराम से किए जाने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे हास्यास्पद करार दिया और कांग्रेस के आचरण को ‘रावण जैसा’ बताया। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी इस टिप्पणी को हिंदू भावनाओं का अपमान बताया है।

संजय निरुपम ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस का इतिहास भगवान राम और राम मंदिर के विरोध से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के दौरान कांग्रेस ने लगातार बाधाएं उत्पन्न कीं और एक समय भगवान राम के अस्तित्व पर भी सवाल खड़े किए गए। ऐसे में अब कांग्रेस नेताओं द्वारा राम के आदर्शों की बात करना विरोधाभासी है।

संजय निरुपम ने क्या कहा?

निरुपम ने कहा, “यह अत्यंत हास्यास्पद है कि जो पार्टी हमेशा राम विरोधी रही, वह आज अपने नेता की तुलना भगवान राम से कर रही है। ऐसे लोग राम के नाम को कलंकित न करें। कांग्रेस नेताओं के आचरण और हरकतों को देखते हुए उनकी तुलना राम से नहीं, बल्कि रावण से की जानी चाहिए।”

क्या था नाना पटोले का बयान?

बुधवार को राहुल गांधी के अयोध्या राम मंदिर न जाने को लेकर उठे सवाल पर नाना पटोले ने कहा था कि कांग्रेस भगवान राम का ही कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, “जैसे भगवान राम ने शोषितों, पीड़ितों और वंचितों के लिए काम किया, वैसे ही राहुल गांधी देशभर में न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं।”
पटोले ने यह भी कहा था कि जब रामलला मंदिर में ताला लगा था, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ही उसे खुलवाने का आदेश दिया था।

भाजपा ने जताई कड़ी आपत्ति

भाजपा नेता सी.आर. केशवन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बयान हिंदू भावनाओं का घोर अपमान है। उन्होंने सवाल उठाया कि नाना पटोले राहुल गांधी से यह क्यों नहीं पूछते कि उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा समारोह का उपहास क्यों उड़ाया और वे अब तक अयोध्या राम मंदिर क्यों नहीं गए।

भाजपा का कहना है कि इस तरह के बयान करोड़ों हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने वाले हैं और इन्हें किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
HTML tutorial
HTML tutorial

Most Popular

Recent Comments