Saturday, October 24, 2026
HTML tutorial
HTML tutorial
Homeउत्तराखंडUttarakhand News: प्रदेश के न्यायालयों में शुरू होगी डिजिटल केस फाइल देखने...

Uttarakhand News: प्रदेश के न्यायालयों में शुरू होगी डिजिटल केस फाइल देखने की सुविधा, शासन ने जारी किया बजट

देहरादून।
उत्तराखंड के न्यायालयों में अब पारंपरिक हार्ड फाइलों की जगह डिजिटल केस फाइल देखने की सुविधा शुरू होने जा रही है। न्यायिक प्रक्रिया को सरल और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से शासन ने इसके लिए बजट जारी कर दिया है। जल्द ही अधिवक्ता, वादी और प्रतिवादी अपने मामलों से जुड़े दस्तावेज डिजिटल माध्यम से देख सकेंगे।

अब तक न्यायालयों में केस से संबंधित फाइलों को रिकॉर्ड रूम से निकालकर देखा जाता था। प्रत्येक तारीख पर फाइलों का रख-रखाव और निरीक्षण एक जटिल प्रक्रिया थी। जैसे-जैसे मुकदमा आगे बढ़ता था, फाइलों का आकार बढ़ता जाता था, जिससे उन्हें संभालना और पढ़ना चुनौतीपूर्ण हो जाता था। इन समस्याओं को देखते हुए न्यायिक अभिलेखों को डिजिटल रूप में परिवर्तित किया जा रहा है।

प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों में न्यायिक रिकॉर्ड के ई-निरीक्षण की सुविधा शुरू की जाएगी। इसके लिए प्रमुख सचिव न्याय एवं विधि परामर्शी प्रशांत जोशी की ओर से उच्च न्यायालय नैनीताल के महानिबंधक को 38 लाख 50 हजार रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। न्यायालयों में रिकॉर्ड के डिजिटलाइजेशन का कार्य पहले से ही प्रगति पर है।

22 कियोस्क मशीनें होंगी स्थापित

शासन द्वारा जारी बजट से प्रदेशभर के जिला न्यायालयों में कुल 22 कियोस्क मशीनें लगाई जाएंगी। जिन जिलों में मुकदमों की संख्या अधिक है, वहां अधिक मशीनें लगाई जाएंगी, जबकि अन्य जिलों में आवश्यकता के अनुसार व्यवस्था की जाएगी। इन कियोस्क मशीनों के माध्यम से अधिवक्ता और पक्षकार अपने केस नंबर के जरिए संबंधित फाइल को डिजिटल रूप में देख सकेंगे।

भविष्य में न्यायालयों द्वारा केस से संबंधित सत्यापित प्रतियां भी डिजिटल फॉर्म में उपलब्ध कराने की योजना है। इससे न्यायिक कार्यवाही और अधिक पारदर्शी होगी तथा अधिवक्ताओं और वादी-प्रतिवादियों का समय बचेगा।

डिजिटल रिकॉर्ड की सुरक्षा पर रहेगा विशेष ध्यान

न्यायिक रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने के साथ-साथ उसकी सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा तैयार की गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के आधार पर इस योजना को लागू किया जा रहा है। सभी रिकॉर्ड को साइबर सुरक्षा मानकों के अनुरूप सुरक्षित रखा जाएगा।

इसके अलावा, हार्डवेयर और तकनीकी उपकरणों की खरीद में ई-वेस्ट प्रबंधन का भी ध्यान रखा जाएगा। टेंडर प्रक्रिया के दौरान बाय-बैक मोड या ई-वेस्ट टेक बैंक सेवा को अनिवार्य किया जाएगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

न्यायालयों में डिजिटल केस फाइल और ई-निरीक्षण की यह पहल उत्तराखंड की न्यायिक व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
HTML tutorial
HTML tutorial

Most Popular

Recent Comments