Saturday, October 24, 2026
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अंकिता भंडारी हत्याकांड: देहरादून की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, सीबीआई जांच की मांग को लेकर सीएम आवास कूच; 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद

देहरादून।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले की सीबीआई जांच और सोशल मीडिया पर सामने आए कथित वीआईपी नामों पर कार्रवाई की मांग को लेकर रविवार को देहरादून की सड़कों पर भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। विभिन्न सामाजिक संगठनों और विपक्षी राजनीतिक दलों के आह्वान पर राजधानी में विशाल रैली निकाली गई और मुख्यमंत्री आवास कूच किया गया।

रविवार सुबह करीब 11 बजे उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच, कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल, सीपीआई, बेरोजगार संघ, उत्तराखंड मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति, गढ़वाल सभा महिला मंच सहित कई सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग परेड ग्राउंड में एकत्र हुए। यहां से प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च शुरू किया।

जैसे ही रैली हाथीबड़कला पहुंची, पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और झड़प भी हुई। गुस्साए प्रदर्शनकारी सड़क पर ही बैठ गए और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा शामिल रहे, जिन्होंने एक स्वर में अंकिता को न्याय दिलाने और सीबीआई जांच की मांग दोहराई।

सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि अंकिता भंडारी की हत्या कोई सामान्य अपराध नहीं, बल्कि संरक्षण में पनपे अपराध तंत्र का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए खुलासों और कथित वीआईपी नाम सामने आने के बावजूद सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। वक्ताओं ने कहा कि पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद इस मामले की निष्पक्ष और नए सिरे से जांच आवश्यक हो गई है।

विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सरकार पर शुरुआत से ही प्रभावशाली लोगों को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सीबीआई जांच की संस्तुति नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का एलान

प्रदर्शन के दौरान उत्तराखंड मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति के मोहित डिमरी ने 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का एलान किया। उन्होंने कहा कि बंद को सफल बनाने के लिए व्यापारिक और सामाजिक संगठनों से व्यापक संवाद किया जाएगा। साथ ही सरकार को एक सप्ताह का समय देते हुए मांग की गई कि सभी कथित वीआईपी को जांच के दायरे में लाया जाए और आरोपित नाम सार्वजनिक किए जाएं। वहीं उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने सरकार से शीघ्र सीबीआई जांच की सिफारिश करने की मांग की।

सड़क पर बैठकर गीत, घड़ा फोड़कर जताया विरोध

मुख्यमंत्री आवास कूच के दौरान जब पुलिस ने हाथीबड़कला बैरिकेडिंग पर प्रदर्शनकारियों को रोका, तो बड़ी संख्या में लोग सड़क पर बैठ गए और शांतिपूर्ण तरीके से गीत गाकर विरोध जताया। वहीं, युवाओं में गुस्सा साफ नजर आया। एक युवक सरकार विरोधी नारों से लिखा घड़ा कंधे पर लेकर पहुंचा और बैरिकेडिंग के पास पहुंचकर उसे सड़क पर फोड़ दिया, जो प्रतीकात्मक विरोध का केंद्र बना।

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राजधानी में हुए इस बड़े प्रदर्शन से स्पष्ट है कि जनता और सामाजिक संगठनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने के आसार हैं।

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