देहरादून।
बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक ऑडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) जांच को आगे बढ़ा रही है। इसी कड़ी में ऑडियो वायरल प्रकरण में पूछताछ के बाद उर्मिला सनावर मंगलवार को एसआईटी के समक्ष अपना मोबाइल फोन जमा करेंगी। एसआईटी मोबाइल और वायरल ऑडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजेगी, ताकि ऑडियो की प्रामाणिकता और उससे जुड़े तथ्यों की वैज्ञानिक पुष्टि की जा सके।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के बीच हुई कथित बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस ऑडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड से संबंधित कुछ अहम बिंदुओं के सामने आने का दावा किया गया, जिसके बाद पूरे प्रदेश में चर्चाएं तेज हो गईं। प्रकरण सामने आने के बाद बहादराबाद और झबरेड़ा थानों में सुरेश राठौर व उर्मिला सनावर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों और ताजा घटनाक्रम की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कप्तान के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी ने जांच प्रक्रिया के तहत बीते बृहस्पतिवार को उर्मिला सनावर से पूछताछ की, जबकि शुक्रवार को पूर्व विधायक सुरेश राठौर से भी सवाल-जवाब किए गए।
पूछताछ के दौरान उर्मिला सनावर ने अपना मोबाइल फोन जांच के लिए सौंपने की सहमति जताई थी। इस संबंध में महामंडलेश्वर स्वामी दर्शन भारती महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार को उर्मिला सनावर अपने मोबाइल फोन एसआईटी के पास जांच हेतु जमा कराएंगी। जांच एजेंसी मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल्स और वायरल ऑडियो की तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही ऑडियो की सत्यता और उससे जुड़े आरोपों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल एसआईटी पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच में जुटी हुई है।