Thursday, January 15, 2026
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जल जीवन मिशन में अनियमितताओं पर केंद्र का एक्शन: गड़बड़ियों के चलते काम रोका, 4 हजार से ज्यादा जिम्मेदारों पर कार्रवाई — सीआर पाटिल

देहरादून। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इन्हीं गड़बड़ियों के कारण कई जगहों पर कार्य रोकना पड़ा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।

देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और जनहितकारी योजना है, जिसका लक्ष्य हर घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत केवल नल कनेक्शन ही नहीं दिए गए, बल्कि पानी की गुणवत्ता जांच के लिए स्थानीय स्तर पर लोगों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी की गई है।

सीआर पाटिल ने बताया कि अब तक देशभर में लगभग 15 करोड़ घरों को जल जीवन मिशन के तहत नल से जोड़ा जा चुका है। इसके अलावा करीब चार करोड़ और घरों तक पानी पहुंचाने की योजना थी, लेकिन विभिन्न राज्यों से शिकायतें मिलने और जांच में खामियां उजागर होने के बाद कई परियोजनाओं पर रोक लगानी पड़ी।

केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार किया कि जांच में सामने आई गड़बड़ियों के चलते चार हजार से अधिक कर्मचारियों, अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। साथ ही जहां भी अनियमितताएं पाई गईं, वहां संबंधित फंड का भुगतान भी रोक दिया गया है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार किसी भी राज्य या ठेकेदार को गलत काम करने की अनुमति नहीं देगी। यदि कार्य गुणवत्ता के अनुरूप नहीं होगा, तो न तो उसे स्वीकार किया जाएगा और न ही उसके लिए फंड जारी किया जाएगा।

सीआर पाटिल ने यह भी कहा कि आने वाले समय में यदि राज्य सरकारें दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर गड़बड़ियों को पूरी तरह दुरुस्त करती हैं, तो केंद्र सरकार दोबारा फंड जारी करने पर विचार करेगी। उन्होंने दोहराया कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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