Saturday, October 24, 2026
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चारधाम में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध: रील-व्लॉग से बढ़ते विवादों के बाद प्रशासन सख्त

देहरादून। चारधाम यात्रा के दौरान धार्मिक स्थलों की पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने के लिए उत्तराखंड प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के भीतर अब श्रद्धालु मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे। रील और ब्लॉग बनाने के दौरान सामने आ रहे विवादों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

शनिवार को चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में आयोजित समीक्षा बैठक में गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय और गढ़वाल आईजी राजीव स्वरूप ने यात्रा तैयारियों को लेकर अहम दिशा-निर्देश जारी किए। गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि सोशल मीडिया के लिए रील और व्लॉग बनाने के दौरान कई बार धामों में विवाद की स्थिति बन जाती है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और व्यवस्था प्रभावित होती है। इसी को देखते हुए चारों धाम परिसरों में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

निर्देशों के अनुसार बदरीनाथ धाम में सिंहद्वार से आगे मोबाइल फोन प्रतिबंधित रहेगा, जबकि केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी श्रद्धालुओं को मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और संबंधित जिलों के प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि धामों से पहले श्रद्धालुओं के मोबाइल सुरक्षित रखने के लिए जमा करने की समुचित व्यवस्था की जाए।

यात्रा प्रबंधन के कार्य होंगे तेज

गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि चारधाम यात्रा प्रबंधन के लिए सभी जनपदों को फरवरी माह तक धनराशि जारी कर दी जाएगी। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अत्यावश्यक कार्यों की सूची तीन दिन के भीतर शासन को भेजें और एक सप्ताह में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर फास्ट ट्रैक मोड में काम शुरू करें।

सड़कों, संचार और ठहरने की व्यवस्था पर जोर

एनएच, एनएचआईडीसीएल, लोक निर्माण विभाग और बीआरओ को 31 मार्च तक यात्रा मार्गों की सड़कों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसएनएल को यात्रा मार्गों और धामों में बेहतर संचार सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त संसाधन जुटाने को कहा गया है। साथ ही होटल, जीएमवीएन गेस्ट हाउस, होल्डिंग प्वाइंट और पार्किंग स्थलों की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा के विशेष इंतजाम

यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों की ड्यूटी 15 दिन के रोटेशन पर लगाने, विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर पर्यटन पुलिस की नई चौकियां बनाई जाएंगी और पार्किंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

पंजीकरण व्यवस्था यथावत

चारधाम यात्रा के पंजीकरण सिस्टम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पहले की तरह 60 प्रतिशत ऑफलाइन और 40 प्रतिशत ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था लागू रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर हरिद्वार में पंजीकरण काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

रिकॉर्ड श्रद्धालुओं की संभावना

गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि वर्ष 2023 में रिकॉर्ड 56 लाख श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर पहुंचे थे। पिछले सीजन में भी 50 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए थे। इस वर्ष यात्रा को और अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन पूरी तैयारी में जुटा है।

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