उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपनी राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व लगातार प्रदेश इकाइयों के कामकाज की समीक्षा कर रहा है और आगामी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटा है। इसी क्रम में मंगलवार को नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
बैठक में उत्तराखंड के जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने और संगठन को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश कांग्रेस को अगले तीन महीनों के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए। इस रोडमैप के तहत पार्टी संगठनात्मक गतिविधियों, जनआंदोलनों और राजनीतिक कार्यक्रमों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाएगी।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल से संगठन की वर्तमान स्थिति पर फीडबैक लिया गया। इसके साथ ही आगामी रणनीति पर मंथन करते हुए प्रदेश नेताओं को निर्देश दिए गए कि वे तीन माह का विस्तृत एक्शन प्लान बनाकर पार्टी नेतृत्व को सौंपें। इसी योजना के आधार पर कांग्रेस संगठन को मजबूती देने और जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास करेगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि कांग्रेस राष्ट्रव्यापी मनरेगा बचाओ कार्यक्रम के तहत 31 जनवरी से 6 फरवरी तक राज्यभर में धरना-प्रदर्शन करेगी। इसके बाद 7 से 16 फरवरी के बीच राज्य स्तर पर विधानसभाओं के घेराव के लिए रैलियों का आयोजन किया जाएगा। इन सभी कार्यक्रमों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लेकर बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि पार्टी हाईकमान के निर्देशानुसार तीन माह का रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसके लिए 29 जनवरी को प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर रणनीति की रूपरेखा तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा, प्रदेश कांग्रेस चुनाव समिति के अध्यक्ष एवं विधायक प्रीतम सिंह, प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत, विधायक काजी निजामुद्दीन तथा सीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सप्पल सहित कई प्रमुख नेता शामिल होंगे।
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि तयशुदा रोडमैप और लगातार जनआंदोलनों के जरिए पार्टी न केवल संगठन को मजबूत करेगी, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव में एक मजबूत विकल्प के रूप में जनता के सामने उभरेगी।