Wednesday, January 28, 2026
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उत्तराखंड में मौसम का कहर बरकरार: ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी व हिमस्खलन का अलर्ट, कई जिलों में स्कूल बंद

उत्तराखंड में फिर बिगड़ा मौसम, ठंड और बढ़ी

उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से जारी खराब मौसम का असर बुधवार को भी बना रहेगा। प्रदेशभर में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के आसार हैं। इसे देखते हुए बर्फबारी और हिमस्खलन को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

ऊंचाई वाले जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में संभावित बर्फबारी और हिमस्खलन को देखते हुए सभी संबंधित जिलों को सतर्क किया है।
रक्षा भू-सूचना अनुसंधान संस्थान (डीजीआरई) की ओर से जारी पूर्वानुमान (मंगलवार शाम 5 बजे से बुधवार शाम 5 बजे तक) के अनुसार प्रदेश के कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की आशंका बनी हुई है।

डीजीआरई के अनुसार—

  • उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों को नारंगी श्रेणी (श्रेणी-3) में रखा गया है। यहां अधिकतर हिमस्खलन मार्गों पर गहरी और अस्थिर बर्फ जमा है, जिससे मध्यम आकार के प्राकृतिक हिमस्खलन घाटी तल तक पहुंच सकते हैं।

  • पिथौरागढ़ जिले को पीली श्रेणी (श्रेणी-2) में रखा गया है, जहां कुछ मार्गों पर अस्थिर बर्फ के कारण छोटे हिमस्खलन की संभावना है।

  • बागेश्वर जिले को हरी श्रेणी (श्रेणी-1) में रखा गया है, जहां स्थिति सामान्यतः स्थिर है, हालांकि कुछ स्थानों पर स्थानीय अस्थिरता देखी जा सकती है।

सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के निर्देशों के तहत राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

इन जिलों में स्कूलों में अवकाश

बर्फबारी और खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर जिलों में स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है।

चारधाम समेत ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी

मंगलवार को प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली। चमोली जिले के बदरीनाथ धाम, जोशीमठ और औली में जमकर बर्फबारी हुई। रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ, तुंगनाथ और मद्महेश्वर घाटी सहित ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ की चादर बिछ गई।
उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी दोपहर बाद बर्फबारी शुरू हो गई। कई स्थानों पर पहले से बाधित बिजली और पानी की आपूर्ति अभी पूरी तरह बहाल नहीं हो पाई थी, जिस पर नई बर्फबारी ने और असर डाला है।

नीति घाटी के कोषा और गमशाली गांवों में बर्फीले तूफान से घरों की टिन की छतें उड़ने की सूचना है। वहीं नई टिहरी में बूंदाबांदी हुई, जबकि धनोल्टी और सुरकंडा देवी क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। देहरादून, हरिद्वार और रुड़की में दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही, जबकि मसूरी में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई।

बुधवार को भी राहत नहीं

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बुधवार को भी प्रदेशभर में मौसम खराब बना रहेगा। 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। इसके साथ ही नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिलों के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम व आपदा से जुड़ी सभी चेतावनियों का पालन करें।

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