देहरादून में ठगी के एक के बाद एक सामने आ रहे मामलों ने आम लोगों के साथ-साथ सरकारी अधिकारियों और व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। जमीन दिलाने, बैंक लोन और होटल प्रोजेक्ट में निवेश का झांसा देकर आरोपियों ने लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। इन सभी मामलों में संबंधित थानों की पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जमीन दिलाने के नाम पर राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारी से ठगी
आईटी पार्क क्षेत्र में प्लॉट दिलाने का झांसा देकर राज्य संपत्ति विभाग के एक अधिकारी से ढाई लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित अधिकारी प्रेम प्रकाश की तहरीर पर राजपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पीड़ित के अनुसार वर्ष 2020 में उन्होंने दून डेवलपर से जुड़े लोकेश्वर प्रसाद जायसवाल और रोबिन के माध्यम से राजेश्वर नगर फेज-एक में प्लॉट बुक कराया था। इसके लिए चार लाख रुपये अग्रिम दिए गए थे, जिनमें से दो लाख रुपये चेक से और दो लाख रुपये नकद दिए गए। बाद में पता चला कि संबंधित प्लॉट पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को बेचा जा चुका है। आरोप है कि रकम वापस मांगने पर केवल 1.50 लाख रुपये लौटाए गए, जबकि शेष राशि मांगने पर धमकी दी गई।
फर्नीचर व्यापारी से कारीगर ने ही लोन के नाम पर ठगे 4.25 लाख रुपये
प्रेमनगर थाना क्षेत्र में एक फर्नीचर व्यापारी को उसकी ही दुकान में काम करने वाले कारीगर ने बैंक लोन दिलाने का झांसा देकर 4.25 लाख रुपये ठग लिए। व्यापारी सुरेंद्र धीमान ने पुलिस को बताया कि फरवरी 2025 में उन्होंने सहारनपुर निवासी सोनू धीमान को कारीगर के रूप में रखा था।
आरोप है कि सोनू ने अपने परिचित के जरिए मशीनों के लिए बैंक लोन दिलाने की बात कही और प्रक्रिया के नाम पर फरवरी से अक्तूबर 2025 के बीच व्यापारी व उसकी पत्नी के खातों से 4.25 लाख रुपये निकलवा लिए। बाद में पैसे मांगने पर आरोपी टाल-मटोल करने लगा और जान से मारने की धमकी भी दी।
होटल प्रोजेक्ट में निवेश के नाम पर 2.02 करोड़ की धोखाधड़ी
निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का एक बड़ा मामला भी सामने आया है। मसूरी निवासी दीपक कुमार रावत ने होटल और हॉस्टल प्रोजेक्ट में साझेदारी का झांसा देकर 2.02 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। अदालत के आदेश पर राजपुर पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है।
पीड़ित का आरोप है कि जाखन निवासी गौरव किराड़ ने उन्हें इनकम टैक्स से बचने का हवाला देकर होटल प्रोजेक्ट में निवेश के लिए उकसाया। मार्च 2023 से फरवरी 2024 के बीच आरोपी ने अपनी कंपनी और परिजनों के खातों में दो करोड़ रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर करवा ली। बाद में न तो प्रोजेक्ट की जमीन दिखाई गई और न ही मुनाफा दिया गया। रकम वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।