Wednesday, February 4, 2026
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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027: महिला कांग्रेस कम से कम 10 सीटों पर करेगी दावेदारी, महिलाओं के हक की लड़ाई लड़ेंगी ज्योति रौतेला

देहरादून।
उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर महिला कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारी तेज कर दी है। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने साफ कहा है कि आगामी चुनाव में महिला कांग्रेस वर्तमान महिला विधायकों के अलावा कम से कम 10 विधानसभा सीटों पर टिकट की मजबूत दावेदारी पेश करेगी। इसके लिए संगठन स्तर पर महिलाओं को राजनीतिक रूप से तैयार किया जा रहा है।

अमर उजाला से विशेष बातचीत में ज्योति रौतेला ने कहा कि राजनीति में महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कहीं अधिक संघर्ष करना पड़ता है। महिलाओं को घर, परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियों के साथ-साथ राजनीतिक जीवन में भी संतुलन बनाना पड़ता है, जो अपने आप में बड़ी चुनौती है।

महिलाओं के सामने सामाजिक और पारिवारिक सीमाएं

महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं के लिए समय की बाध्यता एक बड़ी समस्या है। देर रात तक राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होना या बाहर रहना महिलाओं के लिए आसान नहीं होता। देर से घर लौटने पर सवाल उठते हैं, जबकि पुरुष नेताओं के सामने ऐसी परिस्थितियां नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि समाज और परिवार महिलाओं को एक सीमित दायरे में बांध देते हैं, यही कारण है कि राजनीति में उनकी भागीदारी अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो पाती।

10 सीटों पर महिला प्रत्याशी उतारने की तैयारी

ज्योति रौतेला ने बताया कि महिला कांग्रेस ने संगठन की महिलाओं से आह्वान किया है कि जो भी महिलाएं चुनाव लड़ने की इच्छुक हैं, वे अभी से तैयारी शुरू करें। जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख समेत अन्य निर्वाचित पदों पर रह चुकी महिलाओं को विधानसभा चुनाव के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया कि कई महिलाएं आर्थिक रूप से परिवार पर निर्भर होने के कारण चुनावी मैदान में उतरने से हिचकती हैं, लेकिन महिला कांग्रेस महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए पूरी ताकत से संघर्ष करेगी।

धर्मपुर विधानसभा से खुद ठोकी दावेदारी

प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने स्वयं धर्मपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की दावेदारी पेश कर दी है। उनका कहना है कि महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाए बिना राजनीति में संतुलन संभव नहीं है।

पहाड़ों में कांग्रेस और 2022 चुनाव का जिक्र

पहाड़ी क्षेत्रों में कांग्रेस की स्थिति पर बोलते हुए रौतेला ने कहा कि कांग्रेस लगातार महिलाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों को उठा रही है। उन्होंने दावा किया कि पहाड़ों में कांग्रेस और भाजपा के बीच वोट प्रतिशत का अंतर बहुत कम है, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने हिंदू-मुस्लिम के नाम पर एक नैरेटिव खड़ा कर चुनावी लाभ लिया। बहुत कम वोटों के अंतर से कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लंबे समय से यह राजनीतिक धारणा रही है कि सत्ता कांग्रेस और भाजपा के बीच बदलती रहती है, लेकिन 2022 में भाजपा झूठे दावों के सहारे लगातार दूसरी बार सत्ता में आई। अब पहाड़ से लेकर मैदान तक जनता भाजपा से परेशान है और 2027 में कांग्रेस के सत्ता में आने का रास्ता साफ होगा।

अंकिता भंडारी हत्याकांड पर रुख

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह किसी एक दल का राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि न्याय का सवाल है। चार साल बीत जाने के बावजूद वीआईपी का नाम सार्वजनिक न होना बेहद गंभीर है। उन्होंने दोहराया कि जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिलता, महिला कांग्रेस का संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

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