हरिद्वार में आयोजित होने वाले शारदीय कांवड़ मेले को लेकर जिला पुलिस प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विस्तृत रूट डायवर्जन प्लान जारी किया है। यह योजना 5 फरवरी की सुबह 8 बजे से 15 फरवरी की रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में हरिद्वार–नजीबाबाद मार्ग पर भारी वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि तय डायवर्जन व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराया जाए।
भारी वाहनों के लिए तय वैकल्पिक मार्ग
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सिडकुल, देहरादून और ऋषिकेश की ओर से आने वाले भारी वाहन, जिन्हें बिजनौर, मुरादाबाद या नैनीताल जाना है, उन्हें हरिद्वार–रुड़की–मुजफ्फरनगर मार्ग से भेजा जाएगा।
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वापसी के समय भी इन्हीं मार्गों का उपयोग करना होगा।
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खाद्य सामग्री, पेट्रोलियम उत्पाद, गैस और मेडिकल सप्लाई जैसे आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को रात 11 बजे से सुबह 4 बजे तक हरिद्वार से नजीबाबाद, मुरादाबाद और नैनीताल जाने की अनुमति दी जाएगी।
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देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार से बिजनौर, मुरादाबाद व नैनीताल जाने वाली रोडवेज बसें लाडपुर से नहर पटरी मार्ग से होकर जाएंगी।
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बिजनौर और नजीबाबाद से हरिद्वार लौटने वाली सभी बसें बिजनौर–गंगा बैराज–मीरापुर–मुजफ्फरनगर मार्ग से आएंगी।
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कोटद्वार से हरिद्वार आने वाली निजी बसों के मार्ग में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
रुड़की–लक्सर–बालावाली मार्ग पर सख्ती
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रुड़की से लक्सर और बालावाली मार्ग पर भारी व मध्यम वाहनों का प्रवेश पूर्णतः बंद रहेगा।
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आवश्यकता पड़ने पर यातायात दबाव को देखते हुए हल्के वाहनों पर भी अस्थायी रोक लगाई जा सकती है।
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नजीबाबाद से आने वाले छोटे निजी वाहन चिड़ियापुर, श्यामपुर, 4.2 डायवर्जन प्वाइंट, चंडी चौकी, चंडी चौक पार्किंग, दीनदयाल, पंतद्वीप और चमगादड़ टापू की ओर भेजे जाएंगे।
कांवड़ वाहनों और पार्किंग व्यवस्था
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कांवड़ वाहनों को नजीबाबाद से चिड़ियापुर–श्यामपुर–4.2 डायवर्जन होते हुए गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग में प्रवेश दिया जाएगा।
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वापसी में यही वाहन हनुमान मंदिर तिराहा–चंडी भवन तिराहा–चंडी चौक–चंडी देवी रोपवे–4.2 डायवर्जन–श्यामपुर मार्ग से नजीबाबाद लौटेंगे।
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भीड़ अधिक होने पर नजीबाबाद से आने वाले सभी वाहनों को गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग में ही रोका जाएगा।
अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए रूट
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दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर से आने वाले वाहन नारसन, मंगलौर, कोर कॉलेज, ख्याति ढाबा, शंकराचार्य चौक होते हुए अलकनंदा, दीनदयाल, पंतद्वीप और चमगादड़ टापू पार्किंग में जाएंगे।
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भीड़ बढ़ने पर वाहनों को बैरागी कैंप पार्किंग की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
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पंजाब और हरियाणा से आने वाले श्रद्धालु सहारनपुर–मंडावर–भगवानपुर–सालियर–बिजौली चौक–एनएच-344 मार्ग से निर्धारित पार्किंग स्थलों तक पहुंचेंगे।
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देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले वाहन नेपाली फार्म, रायवाला, दूधाधारी तिराहा, सर्वानंद घाट और जयराम मोड़ से पार्किंग स्थलों तक पहुंचेंगे।
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चीला मार्ग पर वन-वे व्यवस्था लागू रहेगी, जो केवल ऋषिकेश से हरिद्वार आने वाले वाहनों के लिए निर्धारित होगी।
जीरो जोन और वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था
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पोस्ट ऑफिस तिराहा से हरकी पैड़ी और भीमगोड़ा बैरियर से हरकी पैड़ी तक का क्षेत्र जीरो जोन घोषित किया गया है।
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शिवमूर्ति से देवपुरा चौक तक कई मार्गों पर वन-वे ट्रैफिक लागू रहेगा।
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अत्यधिक भीड़ की स्थिति में चंडी चौक, शिवमूर्ति, तुलसी चौक और बिल्केश्वर तिराहा से ऑटो, विक्रम और ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह बंद किया जा सकता है।
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ऑटो, विक्रम और ई-रिक्शा के लिए अलग से विशेष डायवर्जन व्यवस्था तय की गई है।
पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक प्लान की जानकारी अवश्य लें और नियमों का पालन कर शारदीय कांवड़ मेले को शांतिपूर्ण बनाने में सहयोग करें।