Sunday, October 25, 2026
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उत्तराखंड में बदला बिजली खपत का ट्रेंड: बड़े उद्योगों की यूपीसीएल से मांग घटी, घरेलू उपभोक्ताओं की खपत में बढ़ोतरी

देहरादून।
उत्तराखंड में बिजली की खपत और मांग के स्वरूप में बड़ा बदलाव सामने आया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के आंकड़े बताते हैं कि राज्य के बड़े उद्योग अब उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) से कम बिजली ले रहे हैं, जबकि घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की खपत में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। नियामक आयोग के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों से यह स्पष्ट हुआ है कि औद्योगिक बिजली मांग में गिरावट के पीछे खुले बाजार से बिजली खरीदने का बढ़ता चलन प्रमुख कारण है।

यूपीसीएल की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारी उद्योगों (एचटी इंडस्ट्री) की बिजली मांग में करीब 3.60 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं कई औद्योगिक क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की संख्या कम होने के बावजूद कुल बिजली मांग बढ़ी है, जो प्रति उपभोक्ता खपत में वृद्धि की ओर इशारा करती है।


⚡ मिक्स्ड और एलटी श्रेणी में उतार-चढ़ाव

रिपोर्ट में बताया गया है कि मिक्स्ड लोड श्रेणी में उपभोक्ताओं की संख्या 89 से घटकर 86 रह गई है, लेकिन इसके बावजूद इस श्रेणी में 1897 किलोवाट का अतिरिक्त लोड जुड़ा है। साथ ही बिजली बिक्री में भी करीब 52 लाख यूनिट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
लघु उद्योगों (एलटी इंडस्ट्री) में उपभोक्ताओं की संख्या 15,993 से बढ़कर 16,400 हो गई, हालांकि कुल अनुबंधित भार में 27,913 किलोवाट की कमी आई है।


🏭 ओपन एक्सेस से खरीदी जा रही बिजली

यूपीसीएल के अनुसार, बड़े उद्योग अब खुले बाजार (ओपन एक्सेस) से सीधे बिजली खरीद रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान एचटी श्रेणी के उपभोक्ताओं ने करीब 20.10 करोड़ यूनिट बिजली ओपन एक्सेस के जरिए ली। इसके चलते भगवानपुर क्षेत्र में लोड में 51 प्रतिशत, जबकि रुद्रपुर-1 क्षेत्र में 19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।


📈 रुड़की डिविजन में बढ़ी मांग

हालांकि प्रदेश के कई औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली मांग घटी है, लेकिन रुड़की डिविजन में स्थिति अलग रही। यहां बिजली की मांग में करीब 19.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रायपुर और रुड़की जैसे क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की संख्या में गिरावट के बावजूद शेष उपभोक्ताओं द्वारा अधिक उपयोग के कारण कुल मांग में 2.68 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।


💰 बिजली बिक्री से यूपीसीएल की आय में वृद्धि

आंकड़ों के अनुसार, यूपीसीएल की कुल बिजली बिक्री अनुमान से अधिक रही। घरेलू, व्यावसायिक, रेलवे ट्रैक्शन और इलेक्ट्रिक वाहन श्रेणी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खासतौर पर इलेक्ट्रिक वाहन श्रेणी में बिजली खपत में 143.94 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जिससे निगम की कुल आय में भी इजाफा हुआ है।


🔎 समग्र तस्वीर

कुल मिलाकर, उत्तराखंड में बिजली खपत का रुझान बदलता नजर आ रहा है। जहां बड़े उद्योग लागत कम करने के लिए खुले बाजार का रुख कर रहे हैं, वहीं घरेलू और नई उभरती श्रेणियों में बढ़ती मांग भविष्य में यूपीसीएल के लिए नई संभावनाएं खोल रही है।

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