देहरादून।
उत्तराखंड में साइबर अपराध तेजी से अपने पैर पसार रहा है और इसके आंकड़े बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश कर रहे हैं। बीते पांच वर्षों में साइबर ठगी के मामलों में 12 गुना से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान प्रदेश के करीब 90 हजार से अधिक लोग ठगों का शिकार बने हैं और उनसे 468 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की जा चुकी है।
देशभर में साइबर ठगी को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी सख्त टिप्पणी कर चुका है और इसे ‘सरासर लूट’ की संज्ञा दी है। उत्तराखंड के आंकड़े भी इस चेतावनी की गंभीरता को साफ दर्शाते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 70 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ठगों के हाथों में जाने से बचाने में सफलता हासिल की है।
नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 से 2025 के बीच साइबर अपराध के मामलों में हर साल लगातार इजाफा हुआ है। खास बात यह है कि हर वर्ष ठग नए-नए तरीकों से लोगों को जाल में फंसाते रहे हैं। हालिया और सबसे खतरनाक ट्रेंड ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर ठगी करना है, जिसमें ठग खुद को जांच एजेंसी या पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उनसे मोटी रकम वसूलते हैं।
पिछले पांच वर्षों में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 37 लोगों को निशाना बनाया गया और उनसे करोड़ों रुपये की ठगी की गई। सरकार और पुलिस द्वारा कॉलर ट्यून, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद ठग अपने तरीके बदलकर नए जाल बुन रहे हैं।
पांच साल के साइबर ठगी के आंकड़े
| वर्ष | शिकायतें | ठगी की रकम | बचाई गई रकम |
|---|---|---|---|
| 2021 | 4,492 | 15 करोड़ | 1.21 करोड़ |
| 2022 | 11,169 | 40 करोड़ | 2.45 करोड़ |
| 2023 | 18,020 | 69 करोड़ | 7.41 करोड़ |
| 2024 | 23,801 | 167 करोड़ | 30.17 करोड़ |
| 2025 | 31,870 | 177.81 करोड़ | 28.59 करोड़ |
पिछले वर्ष ठगी के प्रमुख तरीके (मामलों की संख्या)
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ऑनलाइन ट्रेडिंग: 60
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डिजिटल अरेस्ट: 18
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फेक कॉल/एसएमएस: 06
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वर्क फ्रॉम होम: 04
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सोशल मीडिया गिफ्ट स्कैम: 02
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अन्य: 04
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(अन्य श्रेणियों में मामले शून्य या एक-एक)
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया, साइबर सेल और अन्य माध्यमों से लगातार जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही ठगी की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई कर पीड़ितों की रकम बचाने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि पिछले वर्ष 28 करोड़ रुपये से अधिक की राशि समय रहते सुरक्षित की जा सकी।
इस संबंध में नवनीत भुल्लर, एसएसपी, एसटीएफ ने बताया कि साइबर अपराध से निपटने के लिए भविष्य में संसाधनों को और मजबूत किया जाएगा, ताकि ठगों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके और आम जनता की मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके।