Friday, February 13, 2026
Homeउत्तराखंडहरिद्वार में बनेगा भव्य गंगा म्यूजियम, श्रद्धालु जान सकेंगे मां गंगा का...

हरिद्वार में बनेगा भव्य गंगा म्यूजियम, श्रद्धालु जान सकेंगे मां गंगा का पौराणिक इतिहास

हरिद्वार (उत्तराखंड):
धर्मनगरी हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए जल्द ही एक नया धार्मिक और सांस्कृतिक आकर्षण जुड़ने जा रहा है। अब गंगा घाटों के दर्शन के साथ-साथ श्रद्धालु मां गंगा के पौराणिक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्वरूप को भी नजदीक से देख और समझ सकेंगे। नगर निगम हरिद्वार की पहल पर देवपुरा चौक स्थित निगम की भूमि पर भव्य गंगा म्यूजियम का निर्माण किया जाएगा, जिसे शासन की स्वीकृति मिल चुकी है।

करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले इस गंगा म्यूजियम में गंगा अवतरण, कुंभ मंथन, राजा भगीरथ की तपस्या और भगवान शिव से जुड़ी लीलाओं का सजीव चित्रण किया जाएगा। नगर निगम ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगामी कुंभ मेले से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा है, ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु इसका लाभ उठा सकें।

तीन मंजिलों में विकसित होगा म्यूजियम

देवपुरा चौक स्थित नगर निगम की भूमि पर बनने वाले इस भवन के सबसे निचले तल पर पार्किंग की सुविधा विकसित की जाएगी। इसके ऊपर तीन मंजिलों में गंगा म्यूजियम तैयार किया जाएगा। यहां आधुनिक तकनीक के माध्यम से गंगा की पौराणिक कथाओं, धार्मिक घटनाओं और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाया जाएगा।

पौराणिक कथाओं का सजीव प्रस्तुतीकरण

गंगा म्यूजियम में कुंभ मंथन, गंगा अवतरण, भगीरथ की तपस्या, दक्ष प्रजापति प्रसंग, देवी सती की कथा, भगवान शिव की लीलाएं, पांडवों से जुड़े प्रसंग, गंगा की सात धाराओं से निर्मित सप्त सरोवर, मच्छला कुंड और ब्रह्मकुंड जैसे पौराणिक स्थलों का सजीव चित्रण किया जाएगा।
इसके साथ ही चंडी देवी, मनसा देवी, श्री दक्षिण काली, शीतला माता, सुरेश्वरी देवी और मायादेवी सहित प्रमुख मंदिरों का धार्मिक महत्व भी म्यूजियम में दर्शाया जाएगा। कांवड़ यात्रा के इतिहास और हरकी पैड़ी के महत्व को भी विशेष रूप से शामिल किया जाएगा।

शासन की मंजूरी, पेयजल निगम को जिम्मेदारी

मेयर किरण जैसल के प्रस्ताव पर शासन ने गंगा म्यूजियम निर्माण को मंजूरी देते हुए 10 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी कर दी है। इस परियोजना की कार्यदायी संस्था पेयजल निगम को बनाया गया है। मार्च से निर्माण कार्य शुरू कर कुंभ से पहले इसे पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

नगर निगम की जमीन का होगा सदुपयोग

इस परियोजना के तहत नगर निगम की बेशकीमती भूमि का सदुपयोग होगा। लंबे समय से इस जमीन पर भूमाफियाओं की नजर थी, लेकिन अब यहां पार्किंग और गंगा म्यूजियम का निर्माण कर इसे सुरक्षित और उपयोगी बनाया जाएगा।

2010 के कुंभ में अधूरी रह गई थी योजना

वर्ष 2010 के महाकुंभ के दौरान भी गंगा म्यूजियम के निर्माण की योजना बनी थी। उस समय शासन से स्वीकृति लेकर स्थान भी चिह्नित किया गया था, लेकिन योजना साकार नहीं हो सकी। अब वर्षों बाद यह सपना पूरा होने जा रहा है।

मेयर किरण जैसल ने कहा कि गंगा म्यूजियम बनने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालु और पर्यटक मां गंगा के पौराणिक इतिहास से परिचित हो सकेंगे। हरिद्वार चारधाम का प्रवेश द्वार है और नई पीढ़ी को अपने धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास से जोड़ने में यह म्यूजियम अहम भूमिका निभाएगा।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments