उत्तराखंड में आगामी जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जनगणना की अधिसूचना जारी होते ही प्रदेश की सभी प्रशासनिक और भौगोलिक सीमाएं सील कर दी गई हैं। अब जनगणना पूरी होने तक राज्य में किसी भी जिले, तहसील, नगर निकाय, पंचायत या वार्ड की सीमाओं में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
अधिसूचना लागू होने के बाद राज्य सरकार नए नगर निगम, नगर पालिका या नगर पंचायत का गठन नहीं कर सकेगी। साथ ही किसी भी गांव को नगर निकाय में शामिल करने की प्रक्रिया पर भी रोक रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, जनगणना के दौरान सीमाओं को स्थिर रखना इसलिए जरूरी है ताकि जनसंख्या के आंकड़े सटीक और विश्वसनीय रह सकें। यदि इस अवधि में सीमाओं में बदलाव होता है तो जनसंख्या का डाटा गलत होने या मिसमैच होने की संभावना रहती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीमाएं सील होने से आम लोगों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं, विकास कार्यों या सामान्य प्रशासनिक कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह व्यवस्था केवल जनगणना से संबंधित प्रशासनिक संरचना तक सीमित रहेगी।
25 अप्रैल से शुरू होगा जनगणना का पहला चरण
जनगणना का पहला चरण 25 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 24 मई 2026 तक चलेगा। इस चरण में मकानों का सूचीकरण और गणना की जाएगी। इसके बाद विशेष परिस्थितियों वाले क्षेत्रों के लिए अलग-अलग चरण निर्धारित किए गए हैं।
बर्फबारी वाले इलाकों में सितंबर में होगी गणना
उत्तराखंड के बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों में जनसंख्या गणना 11 से 30 सितंबर 2026 के बीच की जाएगी। इन इलाकों में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण लोग अस्थायी रूप से अन्य क्षेत्रों में पलायन कर जाते हैं, इसलिए सितंबर का समय गणना के लिए उपयुक्त माना गया है।
तीन चरणों में पूरी होगी जनगणना
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पहला चरण: 25 अप्रैल से 24 मई 2026 – मकान सूचीकरण एवं गणना
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दूसरा चरण: 11 से 30 सितंबर 2026 – स्नोबाउंड (बर्फबारी वाले) क्षेत्रों में जनसंख्या गणना
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तीसरा चरण: 9 से 28 फरवरी 2027 – अन्य क्षेत्रों में देशव्यापी जनगणना के साथ
16 फरवरी से प्रशिक्षण प्रक्रिया शुरू
जनगणना की तैयारियों के तहत 16 फरवरी से चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। इस दौरान 23 कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद प्रदेशभर में 555 कर्मचारियों को फील्ड ट्रेनर बनाया जाएगा, जो आगे करीब 4,000 सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण देंगे। ये सुपरवाइजर और फील्ड ट्रेनर मिलकर लगभग 30,000 कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे।
25 मार्च से 7 अप्रैल के बीच 30,000 कर्मचारियों और 4,000 सुपरवाइजरों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक बैच में 40 कर्मचारियों को तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखंड की निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि अधिसूचना जारी होने के साथ ही प्रदेश की सभी प्रशासनिक सीमाएं सील कर दी गई हैं और यह व्यवस्था जनगणना पूरी होने तक प्रभावी रहेगी। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष, पारदर्शी और सटीक जनगणना आंकड़ों के लिए यह कदम अत्यंत आवश्यक है।