Tuesday, November 3, 2026
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ऋषिकेश: नीलकंठ महादेव दर्शन के बाद रास्ता भटके हरियाणा के पांच श्रद्धालु, पुलिस-वन विभाग की टीम ने सुरक्षित निकाला

नीलकंठ महादेव के दर्शन कर वापस लौट रहे हरियाणा के पांच श्रद्धालु जंगल में रास्ता भटक गए। यह घटना Rishikesh क्षेत्र की है, जहां श्रद्धालु अनजाने में Rajaji National Park के कोर जोन में पहुंच गए। सूचना मिलने पर लक्ष्मणझूला पुलिस और वन विभाग की टीम ने तत्काल संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी को सकुशल बाहर निकाल लिया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हरियाणा से आए पांच युवक Neelkanth Mahadev Temple के दर्शन के बाद पैदल मार्ग से लौट रहे थे। इसी दौरान वे निर्धारित रास्ता छोड़कर जंगल की ओर बढ़ गए। घना जंगल और दुर्गम क्षेत्र होने के कारण उन्हें सही मार्ग दिखाई नहीं दिया और वे काफी अंदर तक भटक गए।

जंगल में फंसे श्रद्धालुओं ने किसी तरह फोन कर थाना लक्ष्मणझूला पुलिस से संपर्क किया और अपनी स्थिति की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस के माध्यम से उनकी लोकेशन ट्रेस की। जांच में पता चला कि श्रद्धालु राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में विंध्यवासिनी मंदिर से लगभग छह किलोमीटर दूर ‘महादेव पानी’ क्षेत्र में फंसे हुए हैं, जो वन्यजीवों की दृष्टि से संवेदनशील इलाका है।

इसके बाद लक्ष्मणझूला पुलिस और राजाजी पार्क प्रशासन की टीम ने संयुक्त रूप से सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने जंगल में भटके सभी पांचों श्रद्धालुओं को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी प्रकार की चोट या जनहानि नहीं हुई।

रेस्क्यू किए गए युवकों की पहचान चमन लाल, कुलदीप, साहिल, गोविंद और मनीष के रूप में हुई है, जो ग्राम जुरासी, हरियाणा के निवासी बताए गए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस टीम से वरिष्ठ उप निरीक्षक प्रकाश पोखरियाल, नवीन पुरोहित, मोहित, कुंवर प्रताप तथा वन विभाग की टीम से गौरव, हरि सिंह, केशव और सुरेंद्र सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।

पुलिस और वन विभाग ने श्रद्धालुओं व पर्यटकों से अपील की है कि नीलकंठ महादेव दर्शन के दौरान केवल निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और जंगल के अनजान रास्तों पर जाने से बचें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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