Thursday, February 19, 2026
HomeअपराधBomb Threat: अदालतों को उड़ाने की धमकी में डार्क वेब का इस्तेमाल,...

Bomb Threat: अदालतों को उड़ाने की धमकी में डार्क वेब का इस्तेमाल, टोर नेटवर्क से भेजे गए ई-मेल, विदेशों में स्थित हैं सर्वर

उत्तराखंड में न्यायालयों को उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल के मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि धमकी देने वाले ई-मेल डार्क वेब के जरिए टोर (The Onion Router) नेटवर्क का उपयोग कर भेजे गए हैं। इन ई-मेल सेवाओं के सर्वर विदेशों में स्थित होने के कारण प्रेषक की पहचान करना जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

जांच से यह भी सामने आया है कि हालिया धमकियों के लिए मेलटूटोर (Mail2Tor) जैसी गुमनाम ई-मेल सेवा का सहारा लिया गया। यह एक विशेष गेटवे सेवा मानी जाती है, जो सामान्य ई-मेल को डॉट-ऑनियन (.onion) पते से जोड़ती है। इस तकनीक के जरिए ई-मेल भेजने वाले की पहचान और लोकेशन को छिपाने की कोशिश की जाती है।

पुलिस के अनुसार डॉट-ऑनियन एक विशेष प्रकार का इंटरनेट डोमेन होता है, जिसे सामान्य ब्राउज़र जैसे क्रोम या सफारी पर नहीं खोला जा सकता। इसके लिए विशेष रूप से टोर ब्राउज़र की आवश्यकता होती है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि टोर नेटवर्क एक प्राइवेसी आधारित सिस्टम है, जिसमें यूज़र की पहचान और स्थान को कई परतों में डायवर्ट कर छिपाया जाता है। इस प्रक्रिया को ऑनियन रूटिंग कहा जाता है।

डार्क वेब पर मौजूद ऐसी ई-मेल सेवाओं तक पहुंच बनाना आसान नहीं माना जाता। इन सेवाओं के लिए आमतौर पर सब्सक्रिप्शन शुल्क लिया जाता है, ताकि ई-मेल भेजने वाले की गोपनीयता बनी रहे। इसी वजह से जांच एजेंसियों को तकनीकी स्तर पर कई जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि इसके बावजूद ई-मेल हेडर, आईपी लॉग, सर्वर रूटिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहनता से जांच की जा रही है।

अब तक मिली धमकियों के बाद प्रदेश के उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग थानों में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण की गहराई से पड़ताल की जा रही है। साथ ही पुलिस मुख्यालय के निर्देशों पर उन अन्य राज्यों की जांच एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है, जहां इस तरह की धमकी भरे ई-मेल प्राप्त हुए हैं।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस तरह की अफवाह और दहशत फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को जल्द ही कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments