देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अप्रैल माह से प्रस्तावित इस अभियान से पहले राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने शुक्रवार को सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्वाचन से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जनपदों में मतदाताओं की मैपिंग का कार्य तय लक्ष्य के अनुरूप नहीं चल रहा है। इस पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन बूथों पर मैपिंग की प्रगति कम है, वहां के निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि एसआईआर अभियान अप्रैल में शुरू होना है, ऐसे में सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी होनी चाहिए।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में राज्य के लगभग 77 प्रतिशत मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) की तैनाती हो चुकी है। शेष बूथों पर बीएलए की नियुक्ति को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों को राजनीतिक दलों के साथ पुनः बैठक कर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके।
इसके साथ ही सभी जिलों में बूथ अवेयरनेस ग्रुप (बीएजी) का गठन तत्काल सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलों में बनाए गए एसआईआर हेल्पडेस्क पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती कर कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए, जिससे मतदाता सूची से जुड़े कार्य समय पर और प्रभावी ढंग से पूरे हो सकें।
समीक्षा बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और ईआरओ वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे। प्रशासन ने दोहराया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।