Monday, November 2, 2026
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उत्तराखंड में प्री-एसआईआर की सख्त निगरानी: चुनाव आयोग के चार वरिष्ठ अधिकारी जिलों में तैनात, लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले चल रहे प्री-एसआईआर कार्यों को लेकर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपना लिया है। मतदाता मैपिंग की धीमी प्रगति को देखते हुए आयोग ने अपने चार वरिष्ठ अधिकारियों को सीधे जिलों में तैनात कर दिया है। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रदेश में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से मतदाता मैपिंग का कार्य लगातार जारी है। अब तक राज्य में 81 प्रतिशत से अधिक मैपिंग पूरी की जा चुकी है, लेकिन मैदानी जिलों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर आयोग ने निगरानी तंत्र को मजबूत करने का निर्णय लिया है।

चार अधिकारियों को सौंपी गई अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने चार वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है।

  • अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे को देहरादून, हरिद्वार और पौड़ी जिलों की निगरानी का दायित्व दिया गया है।

  • संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र पिथौरागढ़, बागेश्वर और अल्मोड़ा जिलों की समीक्षा करेंगे।

  • उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी को उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग और चमोली की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

  • सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों की प्रगति पर नजर रखेंगे।

इन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे जिलों में जाकर मैपिंग कार्य की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करें और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाएं।

जिलाधिकारियों को रोजाना समीक्षा के निर्देश

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से सभी जिलाधिकारियों को प्री-एसआईआर कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन क्षेत्रों में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को किसी प्रकार की दिक्कत आ रही है, वहां अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध कराया जाएगा।

सभी निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को भी अपने-अपने स्तर पर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

अप्रैल से शुरू होगा एसआईआर

प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अप्रैल माह से प्रस्तावित है। इससे पहले प्री-एसआईआर के तहत मतदाता मैपिंग का कार्य पूरा करना आयोग की प्राथमिकता है, ताकि पुनरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि या देरी न हो।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी या बीएलओ के खिलाफ सीधे कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि कुछ बीएलओ को सुस्ती बरतने पर चेतावनी जारी की जा चुकी है।

चुनाव आयोग के इस सख्त रुख से साफ है कि प्रदेश में मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने के लिए प्रशासन पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है।

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