Dehradun:
राजधानी देहरादून में इंडिया गठबंधन की ओर से संयुक्त प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री Harish Rawat भी मौजूद रहे। प्रेसवार्ता में उन्होंने राज्य सरकार पर मलिन बस्तियों और वन भूमि पर वर्षों से बसे लोगों के साथ अन्याय करने के आरोप लगाए और आंदोलन का ऐलान किया।
कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए हरीश रावत ने कहा कि भाजपा सरकार लंबे समय से वन भूमि पर निवास कर रहे लोगों को मालिकाना हक देने के बजाय उन्हें उजाड़ने की कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण हजारों परिवारों का भविष्य संकट में है और उन्हें बेदखली का भय सता रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि बिंदुखत्ता, गांधीग्राम, बागजाला और टोंगिया गांव जैसे क्षेत्रों को तत्काल राजस्व ग्राम घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में दशकों से लोग निवास कर रहे हैं, इसके बावजूद आज तक उन्हें कानूनी अधिकार नहीं मिल पाए हैं।
हरीश रावत ने बताया कि मलिन बस्तियों और वन भूमि पर बसे लोगों को मालिकाना हक दिलाने की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन की ओर से 25 फरवरी को गांधी पार्क, देहरादून में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने प्रभावित लोगों से एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
प्रेसवार्ता में मौजूद इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं ने भी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।