Saturday, February 28, 2026
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Uttarakhand: रक्षा विनिर्माण में निवेश को मिलेगा बढ़ावा, AI और रोबोटिक्स ड्रोन निर्माण पर विशेषज्ञों का जोर

रक्षा क्षेत्र के लिए AI व रोबोटिक्स ड्रोन निर्माण की प्रदेश में संभावनाएं, राउंड टेबल सम्मेलन में बनी रणनीति

देहरादून। उत्तराखंड में रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को विकसित करने और निवेश आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। शुक्रवार को आयोजित राउंड टेबल सम्मेलन में विशेषज्ञों ने प्रदेश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स और ड्रोन निर्माण के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं बताते हुए निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई सुझाव दिए। सम्मेलन में सेना के लिए कपड़े, जूते और अन्य सेवा क्षेत्रों से जुड़े उद्योगों को भी विकसित करने पर चर्चा हुई।

राजपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित इस सम्मेलन की अध्यक्षता सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय ने की। कार्यक्रम में रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों, उद्योग विशेषज्ञों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में निवेश की रणनीति पर विचार-विमर्श किया।


आत्मनिर्भर भारत के लिए राज्यों की भूमिका अहम

रक्षा मंत्रालय के उप महानिदेशक अनिल कुमार राय ने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्यों को रक्षा उत्पादन में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। केंद्र सरकार रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने के लिए नीतियों को सरल बना रही है तथा विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) के लिए भी अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की भागीदारी लगभग 20 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और आने वाले वर्षों में इसमें तेजी से वृद्धि की उम्मीद है।


निवेश के लिए तैयार उत्तराखंड

सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय ने कहा कि भारत का रक्षा क्षेत्र तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और उत्तराखंड इस बदलाव के साथ सामंजस्य स्थापित करने के लिए तैयार है। राज्य सरकार निवेशकों को नीतिगत सहयोग, भूमि उपलब्धता और संस्थागत सुविधा प्रदान कर रही है।

उन्होंने बताया कि खुरपिया, सितारगंज और नेपा फार्म सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में करीब 3800 एकड़ भूमि निवेश के लिए उपलब्ध कराई गई है।


400 करोड़ तक सब्सिडी और MSME को अनुदान

मेगा इंडस्ट्रियल एवं निवेश नीति के तहत बड़े निवेशकों को 400 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। वहीं एमएसएमई क्षेत्र के विनिर्माण उद्योगों के लिए चार करोड़ रुपये तक अनुदान का प्रावधान किया गया है।

स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड भी तैयार किया है।


रक्षा स्टार्टअप्स को मिलेगा 25 करोड़ तक अनुदान

आईडेक्स (iDEX) की उप कार्यक्रम निदेशक गांगेई गवांद ने बताया कि रक्षा नवाचार से जुड़े स्टार्टअप्स को 25 करोड़ रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के स्टार्टअप इलेक्ट्रॉनिक्स और एयरोस्पेस तकनीक के विकास में निवेश कर रक्षा क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा कर सकते हैं।


रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगी गति

विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि उत्तराखंड में AI तकनीक, रोबोटिक्स ड्रोन, सैन्य वर्दी और जूता निर्माण समेत अन्य सेवा आधारित रक्षा उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। इससे प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि सही नीतिगत समर्थन और निवेश के साथ उत्तराखंड आने वाले समय में रक्षा विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

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