देहरादून: कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के उपयोग को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। देहरादून में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कुछ जिलों में इस कोष का दुरुपयोग किया जा रहा है और सहायता राशि के वितरण में भारी असमानता देखने को मिल रही है।
हरक सिंह रावत ने कहा कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ जिलों में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष की राशि का सही तरीके से उपयोग नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर कुछ चुनिंदा लोगों को हर वर्ष दो से तीन लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जबकि कई गरीब और वास्तविक जरूरतमंद लोगों को केवल तीन हजार रुपये की ही मदद मिल पा रही है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की असमानता सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। रावत ने मांग की कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दी जाने वाली सहायता की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सहायता वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी और लालचंद शर्मा समेत पार्टी के अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि इस मामले में सरकार स्पष्ट जवाब नहीं देती है तो पार्टी इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाएगी।