Tuesday, November 3, 2026
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चमोली: 23 मई 2026 को खुलेंगे हेमकुंड साहिब के कपाट, यात्रा तैयारियों पर ट्रस्ट अध्यक्ष ने मुख्य सचिव से की मुलाकात

चमोली। उत्तराखंड के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के कपाट वर्ष 2026 में 23 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यात्रा की तैयारियों को लेकर हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने राज्य के मुख्य सचिव आनंदवर्धन से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की।

मुलाकात के दौरान आगामी तीर्थयात्रा सीजन की व्यवस्थाओं और मौसम की स्थिति को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में दोनों पक्षों ने सहमति जताते हुए निर्णय लिया कि पवित्र गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब के कपाट शनिवार, 23 मई 2026 को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।

इस बार यात्रा थोड़ी पहले शुरू करने का फैसला

हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अनुसार इस वर्ष हिमालयी क्षेत्रों में पिछले वर्षों की तुलना में कम बर्फबारी हुई है। इसके चलते यात्रा मार्ग अपेक्षाकृत जल्दी खुलने की संभावना बनी हुई है। इसी कारण इस बार यात्रा को थोड़ा पहले शुरू करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि ट्रस्ट ने यह भी कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की स्थिति कभी-कभी अप्रत्याशित हो सकती है, इसलिए यात्रा के दौरान परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।

तीर्थयात्रियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं

हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट राज्य सरकार के समन्वय से यात्रा का संचालन करता है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ट्रस्ट द्वारा हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, रतूड़ा, जोशीमठ, गोविंदघाट और घांघरिया में अपनी धर्मशालाओं में निशुल्क ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जाती है।

इसके अलावा हेमकुंड साहिब में भी लंगर की सेवा चलती है, लेकिन समुद्र तल से लगभग 15 हजार फीट की ऊंचाई और सीमित सुविधाओं के कारण वहां तीर्थयात्रियों को रात्रि विश्राम की अनुमति नहीं दी जाती।

सुरक्षित और सुगम यात्रा का आश्वासन

बैठक के दौरान मुख्य सचिव आनंदवर्धन ने कहा कि उत्तराखंड सरकार चारधाम और हेमकुंड साहिब आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की ओर से यात्रा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा।

श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र

हिमालय की भव्य पर्वत श्रृंखलाओं के बीच 15 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब सिख धर्म के लिए अत्यंत पवित्र स्थल माना जाता है। यहां हर वर्ष देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह पवित्र गुरुद्वारा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति, चिंतन और दिव्य अनुभूति का अनुभव कराता है। इसी कारण यह यात्रा विश्वभर में श्रद्धा, एकता और आध्यात्मिक नवीनीकरण का प्रतीक बन चुकी है।

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