Tuesday, March 24, 2026
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देहरादून: अस्पताल की लापरवाही से मचा हड़कंप, मरीज को जिंदा बताकर सौंपा; चार अस्पतालों में भटके परिजन, बाद में हुई मौत की पुष्टि

देहरादून में अस्पताल की लापरवाही का गंभीर मामला

देहरादून जिले के सहसपुर क्षेत्र में एक अस्पताल की कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां उपचार के लिए लाई गई एक महिला को अस्पताल से जिंदा बताकर परिजनों को सौंप दिया गया, जबकि बाद में अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को महिला की मौत की सूचना दे दी। इस दौरान परिजन महिला को लेकर एक के बाद एक कई अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे। आखिरकार झाझरा स्थित एक अस्पताल में चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।

मामले के बाद गांव में काफी हंगामा हुआ और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया।

अचानक बिगड़ी थी महिला की तबीयत

जानकारी के अनुसार सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला गांव निवासी 25 वर्षीय मुस्लिम महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। परिजन उसे उपचार के लिए हरबर्टपुर स्थित एक संस्था के अस्पताल में लेकर पहुंचे और भर्ती कराया।

बताया जा रहा है कि उपचार के दौरान परिजन महिला को अपने साथ अस्पताल से ले गए। इसके बाद वे महिला को लेकर विभिन्न अस्पतालों में इलाज के लिए भटकते रहे।

तीन अस्पतालों ने नहीं किया भर्ती

परिजन महिला को लेकर कई छोटे-बड़े अस्पतालों में पहुंचे, लेकिन तीन अस्पतालों ने उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिजन करीब 20 किलोमीटर दूर झाझरा स्थित एक अस्पताल पहुंचे।

यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि महिला की अस्पताल लाने से करीब 10 मिनट पहले ही मौत हो चुकी थी। इसके बाद परिजन महिला का शव लेकर गांव लौट आए और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी।

अस्पताल ने पुलिस को दी मौत की सूचना

इसी बीच शाम करीब सात बजे हरबर्टपुर स्थित अस्पताल प्रबंधन ने सहसपुर कोतवाली पुलिस को महिला की मौत की सूचना दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस बैरागीवाला गांव पहुंची और पंचनामा की प्रक्रिया के लिए शव मांगा।

हालांकि शुरुआत में परिजनों और ग्रामीणों ने शव देने से इंकार कर दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

ग्रामीणों की भीड़ जुटी, समझाने के बाद बनी सहमति

घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख व स्थानीय क्षेत्र पंचायत सदस्य जसविंदर सिंह बिट्टू भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान गांव में करीब दो हजार से अधिक ग्रामीण एकत्र हो गए थे।

पुलिस और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी और समझाने का प्रयास किया। करीब ढाई घंटे की समझाइश के बाद मृतका के ससुराल और मायके पक्ष के लोग पंचनामा कराने के लिए तैयार हुए।

पोस्टमार्टम से परिजनों का इनकार

इसके बाद मृतका के शव को दोबारा अस्पताल लाया गया, जहां नायब तहसीलदार की मौजूदगी में पंचनामा भरा गया। हालांकि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।

पंचनामा की कार्रवाई पूरी होने के बाद एसडीएम की अनुमति से शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और कथित लापरवाही को लेकर क्षेत्र में कई सवाल खड़े हो गए हैं।

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